झारखंड

झारखंड : दीवारें बनीं कैनवास, कलाकार उकेर रहे झारखंडी संस्कृति

Janjwar Desk
1 April 2021 2:30 AM GMT
झारखंड : दीवारें बनीं कैनवास, कलाकार उकेर रहे झारखंडी संस्कृति
x
प्राधिकरण के एक अधिकारी बताते हैं कि युवा इन दीवारों को सेल्फी प्वाइंट के रूप में इस्तेमाल करने लगे हैं। राजधानी आने वाले पर्यटक भी राज्य सरकार की इस अनूठी पहल की सराहना करते सोशल मीडिया के मंच पर भी साझा कर रहे हैं....

रांची। झारखंड की राजधानी रांची सहित अन्य शहरों की दीवारें अब स्थानीय कलाकारों के लिए कैनवास बन गई हैं जहां ये कलाकार अपनी कूचियों से रंग भरने में जुटे हैं। कलाकार इन दीवारों पर झारखंडी संस्कृति की आकृतियां उकेर रहे हैं। दीवारों पर उकेरी गईं आकृतियां जहां संस्कृति से लेागों को अवगत करा रही हैं वहीं रंग-बिरंगी पेंटिंग लोगों को पसंद भी आ रही हैं।

कलाकारों की यह पेंटिंग स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संचार करने और झारखंड के शहरों को एक विशिष्ट पहचान भी दे रही हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद झारखंड राज्य शहरी विकास प्राधिकरण के तहत रांची नगर निगम ने 'रमणीक रांची' अभियान की पहल की है। शहर की जो दीवारें कल तक दाग-धब्बों और गंदगी से भरी थीं, वे अब आकर्षण का केंद्र बन गई हैं।

प्राधिकरण के एक अधिकारी बताते हैं कि युवा इन दीवारों को सेल्फी प्वाइंट के रूप में इस्तेमाल करने लगे हैं। राजधानी आने वाले पर्यटक भी राज्य सरकार की इस अनूठी पहल की सराहना करते सोशल मीडिया के मंच पर भी साझा कर रहे हैं।


एक अधिकारी ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व मुख्यमंत्री बिरसा स्मृति पार्क के निरीक्षण के बाद बिना किसी पूर्व कार्यक्रम के शहर का निरीक्षण करने निकले थे। उस दौरान उन्होंने राजधानी रांची के प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया था। सड़क किनारे की दाग-धब्बों से भरी दीवारें देख मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को शहर की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण पर बड़े पैमाने पर काम करने का निर्देश दिया था।

इस निर्देश के बाद शहर की सभी दीवारों पर पेंटिंग का कार्य प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूरे सूबे के शहरों के सौंदर्यीकरण की पहल की नींव पड़ गई। रांची को खूबसूरत बनाने के लिए शहर के 10 स्थानों पर 'ग्रीन वॉल' का निर्माण किया जा रहा है। मोरहाबादी, सहजानंद चौक, हिनू, धुर्वा समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का इसके लिए चयन किया गया है।

अधिकारी ने बताया कि शहर के 450 स्थानों पर जमे कचरे को हटाने का कार्य किया जा रहा है। कई स्थानों से कचरा को हटा कर उस स्थान को स्वच्छ बनाया गया है। शहरों को खूबसूरत बनाने की पहल कोयला खदानों, स्टोन क्रशर, फैक्ट्री और ईंट की चिमनियांे से भरे रामगढ़ में भी दिख रही है। रामगढ़ जिला प्रशासन ने स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय कलाकारों के सहयोग से 'पेंट माय सिटी' अभियान की शुरूआत की है।

राज्य सरकार द्वारा इन कलाकारों को आवश्यक उपकरण और पेंट सामग्री उपलब्ध कराई गई है। एक अधिकारी ने बताया कि यहां के 300 से अधिक सरकारी भवनों, स्कूलों एवं अन्य स्थानों को जागरूकता से संबंधित संदेशों को पारंपरिक झारखंडी चित्रों के माध्यम से चित्रित किया गया है।

नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शहर को स्वच्छ बनाने के कार्य में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। शहर की दीवारों को पारंपरिक और मॉडर्न आर्ट से पेंट किया जा रहा है।

Next Story

विविध

Share it