मध्य प्रदेश

इंदौर के MY अस्पताल के मुर्दाघर में स्टाफ मना रहा था रंगरेलियां, तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल

Janjwar Desk
19 March 2021 11:14 AM GMT
इंदौर के MY अस्पताल के मुर्दाघर में स्टाफ मना रहा था रंगरेलियां, तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल
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photo : social media

सोशल मीडिया पर एक मरीज के परिजनों ने कुछ तस्वीरें वायरल की हैं, इन तस्वीरों में मॉर्चुरी में तैनात कर्मचारी रात में लड़कियों के साथ रंगरेलियां मनाते हुए नजर आ रहे हैं....

भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सबसे बड़े इंदौर के एमवाय (महराजा यशवंतराव अस्पताल) अस्पताल के मुर्दाघर में लड़कियों के साथ रंगरेलियां मनाने की तस्वीरें वायरल होने के बाद प्रशासन ने दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी है, एक को निलंबित किया गया है और चिकित्सक को कारण बताओ नेाटिस जारी किया गया है।

एमवाय अस्पताल की मर्चयुरी की तस्वीरें एक समाचार पत्र में प्रकाशित होने के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें कुछ कर्मचारी युवतियों के साथ नजर आ रहे थे। इस मामले में संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कार्रवाई की है।

सोशल मीडिया पर एक मरीज के परिजनों ने कुछ तस्वीरें वायरल की हैं। इन तस्वीरों में मॉर्चुरी में तैनात कर्मचारी रात में लड़कियों के साथ रंगरेलियां मनाते हुए नजर आ रहे हैं।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष एवं संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने एमवाय अस्पताल की मच्र्युी में अनुबंध पर कार्यरत एचएलएल हाइट्स (जो कि भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन उपक्रम है) के दो कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। इसके अलावा एचएलएल हाइट्स को उचित आर्थिक दंड भी देना आदेशित किया है।

डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. संजय दीक्षित ने बताया कि मर्चयुरी में कार्यरत कर्मचारी वार्ड बॉय मुकेश अंजाना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है तथा मर्चयुरी विभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ. बजरंग सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

गौरतलब है कि एमपी का सबसे बड़ा अस्पताल एमवाय किसी न किसी कारण से अक्सर चर्चा के केंद्र में रहता है। कभी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए यहां से नवजात की चोरी हो जाती है, तो कभी डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की मौत हो जाती है। कुछ दिन पहले एक और वजह के कारण यह चर्चा में था, जानकारी के मुताबिक यहां अस्पताल की मॉर्चुरी में 158 दिन तक एक लाश पड़ी रही जिसकी किसी ने कोई सुध नहीं ली। अब यही मॉर्चुरी अस्पताल कर्मचारियों के ऐशगाह के रूप में सबके सामने एक्सपोज हुयी है।

जानकारी के मुताबिक मॉर्चुरी में काम का ठेका यूडीएस कंपनी को है। कहा जा रहा है कि कुछ कर्मचारी कई दिनों से यहां लड़की लेकर आ रहे थे। वहीं इस मामले में कंपनी ने सफाई दी है कि हमने कर्मचारियों को सात दिन के लिए निलंबित कर दिया है। कंपनी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि लड़कियां उनकी रिश्तेदार थीं, वह उनके लिए खाना लेकर आती हैं। हम जांच कर रहे हैं।

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