Top
राष्ट्रीय

मोदी सरकार ने कहा, कोरोना से कितने डॉक्टर मरे पता नहीं, मेडिकल एसोसिएशन ने खोल दी मोदी की पोल, दिया ये आंकड़ा

Janjwar Desk
17 Sep 2020 9:55 AM GMT
मोदी सरकार ने कहा, कोरोना से कितने डॉक्टर मरे पता नहीं, मेडिकल एसोसिएशन ने खोल दी मोदी की पोल, दिया ये आंकड़ा
x

जनज्वार। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के उस बयान पर नाराजगी जताई है जिसमें सरकार ने संसद में कहा था कि उसके पास कोरोना के चलते जान गंवाने वालों या इस वायरस से संक्रमित होने वाले डॉक्टरों व अन्य मेडिकल स्टाफ का डाटा नहीं है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने प्रेस रिलीज जारी की और कहा, 'अगर सरकार कोरोना संक्रमित होने वाले डॉक्टर और हेल्थ केयर वर्कर का डेटा नहीं रखती और यह आंकड़े नहीं रखती कि उनमें से कितनों ने अपनी जान इस वैश्विक महामारी के चलते कुर्बान की तो वह महामारी एक्ट 1897 और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू करने का नैतिक अधिकार खो देती है।

इससे इस पाखंड का का भी पर्दाफाश होता है कि एक तरफ इनको कोरोना वॉरियर कहा जाता है और दूसरी तरफ इनके और इनके परिवार को शहीद का दर्जा और फायदे देने से मना किया जाता है।

एसोसिएशन ने आगे कहा, 'बॉर्डर पर लड़ने वाले हमारे बहादुर सैनिक अपनी जान खतरे में डालकर दुश्मन से लड़ते हैं लेकिन कोई भी गोली अपने घर नहीं लाता और अपने परिवार के साथ साझा करता, लेकिन डॉक्टर्स और हेल्थ केयर वर्कर राष्ट्रीय कर्तव्य का पालन करते हुए ना सिर्फ खुद संक्रमित होते हैं बल्कि अपने घर लाकर परिवार और बच्चों को देते हैं।'

एसोसिएशन आगे कहती है, 'केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि पब्लिक हेल्थ और हॉस्पिटल राज्यों के तहत आते हैं इसलिए इंश्योरेंस कंपनसेशन का डाटा केंद्र सरकार के पास नहीं है। यह कर्तव्य का त्याग और राष्ट्रीय नायकों का अपमान है जो अपने लोगों के साथ खड़े रहे।' इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने उन 382 डॉक्टर की लिस्ट जारी की जिनकी जान कोरोना के चलते गई।

IMA की ये चार मुख्य मांगें हैं

सरकार कोरोना से मारे गए डॉक्टर्स को शहीद का दर्जा दे

देश की सरकार इनके परिवार को सांत्वना और मुआवजा दे

सरकार नर्सों व अन्य हेल्थ केयर वर्कर प्रतिनिधि से भी ऐसा डेटा ले

प्रधानमंत्री उचित समझें तो हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष को बुलाएं और उनकी चिंताएं समझें और सुझाव लें

Next Story

विविध

Share it