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मुकेश अंबानी और रिलायंस ने शेयर खरीद-बिक्री में की हेराफेरी, सेबी ने ठोका 40 करोड़ का जुर्माना

Janjwar Desk
2 Jan 2021 4:28 AM GMT
मुकेश अंबानी और रिलायंस ने शेयर खरीद-बिक्री में की हेराफेरी, सेबी ने ठोका 40 करोड़ का जुर्माना
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(File photo)

सेबी ने पाया कि शेयरों के दाम प्रभावित करने के लिए यह खरीद-बिक्री गलत तरीके से की गई थी, रिलायंस पेट्रोलियम का 2009 में रिलायंस इंडस्ट्रीज में विलय कर दिया गया था..

जनज्वार। सेबी ने देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी और उनकी पूर्ववर्ती कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड पर 40 करोड़ का जुर्माना ठोका है। यह जुर्माना नवंबर 2007 में पूर्ववर्ती रिलायंस पेट्रोलियम लिमिटेड के शेयर कारोबार में कथित गड़बड़ी को लेकर ठोका गया है।

शेयर बाजार को रेगुलेट करने वाली संस्था सेबी ने देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और इसके चेयरमैन मुकेश अंबानी पर 40 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज पर 25 करोड़ और अंबानी पर 15 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

मामला रिलायंस पेट्रोलियम के शेयरों की ट्रेडिंग से जुड़ा है। इसी मामले में नई मुंबई एसईजेड प्राइवेट लिमिटेड पर 20 करोड़ और मुंबई एसईजेड लिमिटेड पर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

जानकारी के अनुसार रिलायंस पेट्रोलियम पहले अलग लिस्टेड कंपनी थी। मार्च 2007 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिलायंस पेट्रोलियम के 4.1 प्रतिशत शेयर बेचने का ऐलान किया था। कंपनी के शेयर भाव गिरने लगे तो नवंबर 2007 में रिलायंस पेट्रोलियम के शेयर खरीदे-बेचे गए।

सेबी ने जांच में पाया कि शेयरों के दाम प्रभावित करने के लिए यह खरीद-बिक्री गलत तरीके से की गई थी। गौरतलब है कि रिलायंस पेट्रोलियम का 2009 में रिलायंस इंडस्ट्रीज में विलय कर दिया गया था।

सेबी ने अपने 95 पन्नों के ऑर्डर में कहा है कि शेयरों की कीमत में किसी भी तरह के मैनिपुलेशन से बाजार में निवेशकों का भरोसा टूटता है, क्योंकि इस तरह के मैनिपुलेशन से निवेशकों को नुकसान होता है। सेबी के अनुसार इस मामले में आम निवेशकों को यह नहीं मालूम था कि शेयरों की इस खरीद-बिक्री के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज थी।

सेबी ने अपने आदेश में कहा है कि यह खरीद-बिक्री गलत तरीके से की गई, जिसका असर रिलायंस पेट्रोलियम के शेयरों पर हुआ। इससे आम निवेशक नुकसान में रहे। सेबी ने इससे पहले 24 मार्च 2017 को रिलायंस इंड्स्ट्रीज और 12 प्रमोटर्स को 447 करोड़ रुपए जमा करने को कहा था। साथ ही उनके शेयर ट्रेडिंग करने पर रोक लगा दी थी।

कंपनी ने इसके खिलाफ सिक्युरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील की थी। लेकिन नवंबर 2020 में ट्रिब्यूनल ने सेबी के फैसले को सही ठहराते हुए कंपनी की अपील खारिज कर दी थी। तब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा था कि वह ट्रिब्यूनल के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।

ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में रिलायंस इंड्स्ट्रीज ने कहा था कि शेयरों की ट्रेडिंग में किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है।

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