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Wall Street Journal : अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नलvने निर्मला सीतारमण को बताया 'वांटेड', जानिए क्या है विवाद

Janjwar Desk
17 Oct 2022 11:43 AM IST
Wall Street Journal : अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नलvने निर्मला सीतारमण को बताया वांटेड, जानिए क्या है विवाद
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Wall Street Journal : अमेरिका के एक प्रमुख समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपा एक विज्ञापन इन दिनों विवादों में है. इस विज्ञापन में भारत के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित 10 वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को विदेशी निवेशकों का विरोधी करार देते हुए इन्हें वांटेड बताया गया है.

Wall Street Journal : अमेरिका के एक प्रमुख समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपा एक विज्ञापन इन दिनों विवादों में है. इस विज्ञापन में भारत के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित 10 वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को विदेशी निवेशकों का विरोधी करार देते हुए इन्हें वांटेड बताया गया है. इस विज्ञापन से भारत में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. आपको बता दें कि विज्ञापन ऐसे समय में प्रकाशित किया गया है जब निर्मला सीतारमण जी20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठकों में भाग लेने के लिए अमेरिका में हैं.

13 अक्टूबर को प्रकाशित इस विज्ञापन में निर्मला सीतारमण के अलावा एंट्रिक्स कॉर्प के चेयरमैन राकेश शशिभूषण, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, सुप्रीम कोर्ट के जज हेमंत गुप्ता, वी रामसुब्रमण्यम, स्पेशल पीसी (भ्रष्टाचार निवारण) एक्ट जज चंद्रशेखर, सीबीआई डीएसपी आशीष पारीक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमन का नाम है. इस विज्ञापन में ईडी के सहायक निदेशक आर राजेश और उप निदेशक ए सादिक मोहम्मद का भी नाम शामिल है.

विज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इन्होंने सरकारी संस्थानों का गलत इस्तेमाल कर भारत को निवेशकों के लिए असुरक्षित कर दिया है. विज्ञापन के सबसे नीचे एक क्यूआर कोड भी है, जिसे स्कैन करने पर अमेरिकी थिंक टैंक फ्रंटियर्स ऑफ फ्रीडम की वेबसाइट खुलती है.

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने दावा किया कि इस अभियान को देवास मल्टीमीडिया के पूर्व सीईओ रामचंद्रन विश्वनाथन चला रहे हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा, "धोखेबाजों द्वारा अमेरिकी मीडिया को हथियार बनाना शर्मनाक है. यह चौंकाने वाला घिनौना विज्ञापन भारत और उसकी सरकार को टारगेट करने के लिए छापा गया है. क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे कौन है? यह अभियान भगोड़े रामचंद्र विश्वनाथन द्वारा चलाया जा रहा है, जो देवास के सीईओ थे."

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