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शिक्षा

UP : स्कूल फीस भरने को नहीं हैं पैसे, सड़क पर मास्क बेचने को मजबूर हुए छात्र, मोदी-योगी से लगाई मदद की गुहार

Janjwar Desk
27 Jun 2020 4:40 AM GMT
UP : स्कूल फीस भरने को नहीं हैं पैसे, सड़क पर मास्क बेचने को मजबूर हुए छात्र, मोदी-योगी से लगाई मदद की गुहार

photo : social media

सड़क पर मास्क और दस्ताने बेच रहे छात्रों ने कहा, कोरोना लॉकडाउन के कारण पिता का काम हो गया है बंद और स्कूल वाले फीस भरने के लिए डाल रहे हैं दबाव इसलिए मजबूरन कर रहे हैं ये काम...

जनज्वार। देशभर में लॉकडाउन लागू हो गया जो अब धीरे-धीरे अनलॉक हो रहा है, मगर लॉकडाउन के चलते जहां अर्थव्यवस्था बहुत पीछे चली गयी है, वहीं देश की ज्यादातर जनता को 2 वक्त की रोटी के भी लाले पड़ गये हैं।

करीब तीन महीने बिना कामकाज के घर रहने के कारण लोगों के ना सिर्फ रोजगार खत्म हुए, बल्कि परिवार के भरण पोषण के लिए दो जून की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो रहा है। इस हालत में भी स्कूलों का सितम और देखने को मिल रहा है। ज्यादातर स्कूल बकाया फीस भरने के लिए छात्र-छात्राओं के अभिभावकों पर दबाब बना रहे हैं। स्कूल की फीस भरने के दबाव में उत्तर प्रदेश के आगरा के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले दो बच्चे ब्याज पर कर्ज लेकर सड़क किनारे मास्क, दस्ताने बेचने को मजबूर हो गए हैं। इन छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी से गुहार लगायी है कि उनकी स्कूल फीस माफ कर दी जाये।

photo : social media

मीडिया में आई जानकारी के मुताबिक आगरा स्थित गोपालपुरा में रहने वाला वेदप्रकाश फोटोग्राफी कर अपने परिवार का लालन-पालन करते हैं। वेद प्रकाश के तीन बेटे हैं। दो बेटे आगरा के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ते हैं। बड़ा बेटा कक्षा 8 में और छोटा बेटा कक्षा 4 में पढ़ता है। कोरोना महामारी के कारण देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन से वेदप्रकाश का काम बंद हो गया। घर में जो कुछ जमा पूंजी थी वो तीन महीने में खर्च हो गई। इस दौरान बेटों के स्कूल से तीन महीने की बकाया फीस भरने के लिए फोन और मैसेज आने लगे कि अपनी फीस जल्दी जमा करा दीजिए, लेकिन वेद प्रकाश पर फीस भरने की बात तो दूर उस पर परिवार का पेट भरने का भी इंतजाम नहीं था, जिससे पूरा परिवार अवसाद में आ गया।

केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले दोनों मासूम छात्रों ने अपने किसी परिचित से कुछ रुपए उधार लिए और उन पैसों से मास्क, हाथों के दस्ताने, जैसे सामान खरीदकर लाए और बाजार में सड़क किनारे लगाकर बिक्री शुरू कर दी। अब ये दोनों सगे मासूम भाई सड़क पर आने वाले लोगों को रोककर रोककर मास्क बेच रहे हैं, जिससे इनकी स्कूल की फीस भर सके। सड़क पर जब कोई नहीं दिखता तो ये दोनों मासूम छात्र बस स्टॉपेज पर बैठकर अपनी पढ़ाई भी पूरी करते हैं।

photo : social media

छात्र का कहना है कि कोरोना के कारण पिता का काम बंद हो गया है, स्कूल वाले फीस भरने के लिए दबाब बना रहे हैं, जिसके कारण मास्क बेचने को मजबूर हुए हैं। इन दोनों मासूम भाइयों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से स्कूल की फीस माफ करने की गुहार लगाई है।

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