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Norovirus Case : भारत में नए वारयस की एंट्री, वायनाड में 13 केस मिलने से हड़कंप जाने क्या है नोरोवायरस

Janjwar Desk
13 Nov 2021 12:27 PM GMT
Norovirus Case : भारत में नए वारयस की एंट्री, वायनाड में 13 केस मिलने से हड़कंप जाने क्या है नोरोवायरस
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भारत में नोरोवायरस की एंट्री

Norovirus Case : केरल के वायनाड में एक पशु चिकित्सा कॉलेज के 13 छात्रों में नोरोवायरस की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि छात्रों के हालात को नियंत्रण में किया जा चुका है और वायरस के आगे फैलने की कोई सूचना नहीं मिली है।

Norovirus Case : भारत अभी कोरोना वायरस की चपेट से पूरी तरह मुक्त भी नहीं हुआ है कि एक और नए वायरस ने दस्तक दे दी है। एक तरफ भारत पहले ही कोरोना वायरस के संक्रमण से झुंझ रहा है। दूसरी तरफ उत्तरी भारत में जीका वायरस के संक्रमण ने कहर मचाया हुआ है। अब भारत में एक नए वायरस यानी नोरोवायरस ने एंट्री कर ली है। नोरो वायरस की सुचना केरल के वायनाड जिले से मिली है। भारत कोरोना और जीका वायरस से प्रभावित है और ऐसे में एक नए वायरस संक्रमण की पुष्टि होना, यह बेहद ही गंभीर और चिंताजनक बात है।

नोरोवायरस की कहां से हुई शुरुआत

इस वायरस के ताजा मामले केरल के जिले वायनाड से सामने आए है। वायनाड जिले के वीथिरि के पास पुकोडे में दो हफ्ते पहले नोरोवायरस के 13 केस सामने आने से हड़कंप मच गया। केरल के वायनाड में एक पशु चिकित्सा कॉलेज के 13 छात्रों में नोरोवायरस की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि छात्रों के हालात को नियंत्रण में किया जा चुका है और वायरस के आगे फैलने की कोई सूचना नहीं मिली है। बताया गया कि लोगों में नोरो वायरस को लेकर जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ पशु चिकित्सा विज्ञान कॉलेज के छात्रों का डेटा भी तैयार किया जा रहा है।

सैंपल जांच के लिए भेजा गया था एनआईवी

केरल के जिले वायनाड में स्थित पशु चिकत्सा कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि नोरो वायरस का संक्रमण सबसे पहले परिसर के बाहर छात्रावासों में रहने वाले छात्रों में पाया गया था। मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों ने छात्रों से ब्लड सेंपल लिए और तुरत ही उसे जांच के लिए अलाप्पुझा में वायरस विज्ञान संस्थान (NIV) भेज दिया। नोरो वायरस से संक्रमित छात्रों को उलटी और दस्त होने की शिकायत थी।

स्वास्थ्य मंत्री ने जारी किए दिशानिर्देश

केरल के वायनाड में नोरोवायरस की पुष्टि हुई है। इसे लेकर केरल के स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने शुक्रवार को गाइडलाइंस जारी किए है। वीणा जॉर्ज ने स्वास्थ्य अधिकारियों की एक बैठक बुलाई। बैठक में अध्यक्ष के तौर पर वायनाड की स्थिति का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रेस रिलीज जारी किया गया। प्रेस रिलीज के अनुसार मंत्री ने अधिकारियों को वायरस के प्रसार को रोकने के लिए गतिविधियों को तेज करने का निर्देश दिया गया है।

क्या है दिशानिर्देश

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज में दिशानिर्देशों के बारे में बताया गया। प्रेस रिलीज के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि नोरो वायरस को लेकर फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। दिशानिर्देश जारी किए गए है।

  • अभी हमे सतर्क रहना चाहिए।
  • यह वायरस दूषित खाने और पानी से और संक्रमित व्यक्ति से फैलता है।
  • पानी को साफ करने के लिए 'सुपर क्लोरीनीकरण' किया जा रहा है।
  • नोरोवायरस से संक्रमित लोगों को घर पर आराम करना चाहिए।
  • ओआरएस और उबला हुआ पानी पीना चाहिए।
  • लोगों को खाना खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए।
  • जानवरों के साथ संपर्क में रहने वालों को विशेष ध्यान देना चाहिए।

सुपर क्लोरीनेशन सहित गतिविधियां जारी

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कहा, ''अभी चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन हर किसी को सचेत रहने की आवश्यकता है। सुपर क्लोरीनेशन सहित गतिविधियां चल रही हैं। पीने के पानी के स्रोतों को स्वच्छ रखने की जरूरत है।'' साथ ही उन्होंने कहा कि 'उचित बचाव और इलाज से बीमारी को ठीक किया जा सकता है। इसलिए हर किसी को बीमारी और इसके बचाव के तरीकों से अवगत रहना चाहिए।'

क्या है नोरोवायरस

नोरो वायरस पशुओं के द्वारा इंसानों में फैलने वाला वायरस है। नोरोवायरस गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी का कारण बनता है, जिसमें पेट और आंतों में सूजन, गंभीर उल्टी और दस्त जैसे लक्षण शामिल हैं। बताया जाता है कि नोरो वायरस स्वस्थ लोगों पर ज्यादा असर नहीं डालता है। नोरोवायरस छोटे बच्चों, बुजुर्गों और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए यह खतरनाक हो सकता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या संक्रमित स्थान को छूने से एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। नोरो वायरस संक्रमित व्यक्ति के मल और उल्टी के जरिए भी फैलता है।

यह है इसके लक्षण

अचानक उलटी और दस्त होना नोरो वायरस संक्रमण के लक्षण है। बताया गया कि इसके साथ-साथ तेज बुखार, बदन दर्द भी इस संक्रमण के लक्षण हैं। नोरो वायरस से संक्रमित होने के एक से दो दिन के बाद ये लक्षण नजर आते हैं।

कैसे फैलता है नोरो वायरस

यह वायरस बहुत तेजी से फैलता है। बताया गया कि इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति नोरो वायरस के करोड़ो कण फैलाने की क्षमता रखता है। जबकि इस वायरस से संक्रमित होने के लिए केवल कुछ कण ही काफी है। यदि कोई व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आता है तो उसे संक्रमण का खतरा होगा। यह वायरस गंदगी के कारण फैलता है। इसके साथ ही मल-मूत्र के जरिए नोरो वायरस फैलता है। किसी व्यक्ति के थूक के जरिए भी यह वायरस फैल सकता है।

ऐसे करे बचाव

  • इस वायरस से बचाव के उपायों को लेकर डॉक्टरों ने बहुत सी राय दी है।
  • इस वायरस से बचने के लिए बार-बार साबुन और गर्म पानी से हाथ धोना चाहिए।
  • कपड़े और शौचालयों को साफ रखें और पानी में ब्लीच डालकर घर की जगहों की सफाई करनी चाहिए।
  • डॉक्टरों का कहना है कि यह वायरस कोरोना वायरस की तरह एल्कोहल से खत्म नहीं होता बल्कि कपड़ों को 60 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर साफ किया जाए तो इससे फायदा होता है।
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