Rahul Gandhi का पीएम पर हमला, कहा - बिना लड़े चीन को दिए 1000 वर्ग किलोमीटर जमीन, क्या Modi बताएंगे कैसे लेंगे वापस?

राहुल गांधी का पीएम पर हमला, कहा - बिना लड़े चीन को दे दिए 1000 वर्ग किलोमीटर जमीन, क्या मोदी बताएंगे कैसे लेंगे जमीन वापस?
India China border dispute : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) सात दिनों से भारत जोड़ो यात्रा पर हैं लेकिन उनकी नजर देश और दुनिया की हर बड़ी गतिविधियों पर है। उन्होंने मोदी सरकार ( Modi Government ) के चीन के साथ एलएसी ( LAC ) पर डिसइंगेजमेट के दावे को नकारते हुए मोदी सरकार ( PM Modi ) पर हमला बोल दिया है। अपने ताजा ट्विट में कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने लिखा है कि चीन ( China ) ने अप्रैल 2020 की यथास्थिति बहाल करने की भारत ( India ) की मांग को मानने से इनकार कर दिया था। पीएम ने बिना किसी लड़ाई के चीन को 1000 वर्ग किलोमीटर जमीन दी है। क्या वो बताएंगे कि इस क्षेत्र को चीन से कैसे हासिल करंगे?
China has refused to accept India's demand of restoring status quo of April 2020.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 14, 2022
PM has given 1000 Sq Kms of territory to China without a fight.
Can GOI explain how this territory will be retrieved?
बता दें कि पिछले ढ़ाई साल से एलएसी पर चीन और भारत के बीच गतिरोध जारी था। चीनी घुसपैठ के बाद से दोनों देश की सेनाएं सीमा पर डटी हुई हैं। इस मामले में मोदी सरकार की नीति के खिलाफ राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) नियमित रूप से हमला बोलते आये हैं। वह इससे पहले भी चीन के सामने मोदी सरकार पर घुटने टेकने का आरोप लगा चुके हैं। उनकी शिकायत ये भी है कि इस मसले पर मोदी सरकार ने उनके सवालों का जवाब नहीं दिया है।
India China border dispute : इसके उलट विदेश मंत्रालय और भारतीय सेना का दावा है कि भारत और चीन की सेनाओं ने पूर्वी लद्दाख में गोगरा.हॉटस्प्रिंग्स क्षेत्र में गश्त चौकी यानि पेट्रोलिंग प्वाइंट - 15 पर सैनिकों की वापसी प्रक्रिया का संयुक्त सत्यापन किया है। इससे पहले दोनों देशों की सेनाओं ने वहां टकराव वाले बिंदु से अपने सैनिकों को वापस हटाने और अस्थायी बुनियादी ढांचे को खत्म किया था। अब दोनों पक्षों ने चरणबद्ध और समन्वित तरीके से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली है। दोनों देश के स्थानीय कमांडरों ने उस टकराव वाले बिंदु से सैनिकों की वापसी प्रक्रिया के समापन के बाद एक बैठक की जहां दोनों पक्षों में दो साल से अधिक समय से गतिरोध था। दोनों पक्ष गश्त चौकी पीपी-15 से पीछे हट गए हैं लेकिन डेमचोक और देपसांग क्षेत्रों में गतिरोध को दूर करने में अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। भारत और चीन की सेनाओं ने 8 सितंबर को घोषणा की थी कि उन्होंने पूर्वी लद्दाख के गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स में पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 क्षेत्र से पीछे हटना शुरू कर दिया है। दोनों सेनाओं ने 8 सितंबर को प्रक्रिया की शुरुआत की घोषणा करते हुए कहा था कि गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स क्षेत्र से सैनिकों का पीछे हटना जुलाई में उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता के 16वें दौर का परिणाम है।











