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उत्तर प्रदेश

काशी और मथुरा के बाद अब बदायूं में जामा मस्जिद पर विवाद, अधिवक्ताओं ने किया नीलकंठ महादेव होने का दावा

Janjwar Desk
3 Sept 2022 2:53 PM IST
काशी और मथुरा के बाद अब बदायूं में जामा मस्जिद पर विवाद, इन अधिवक्ताओं ने किया नीलकंठ महादेव होने का दावा
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काशी और मथुरा के बाद अब बदायूं में जामा मस्जिद पर विवाद, इन अधिवक्ताओं ने किया नीलकंठ महादेव होने का दावा

Badaun Jama Masjid : बदायूं की अदालत में याचिकाकर्ताओं ने जामा मस्जिद का नीलकंठ महादेव का मंदिर होने का दावा किया। सिविल कोर्ट के जज ने वाद को स्वीकार कर लिया है।

Badaun Jama Masjid : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद काशी में ज्ञानवापी मस्जिद ( Gyanvapi masjid ) और मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मस्थान ( Bhagwan Shrikrishna Janamsthan mathura ) को लेकर विवाद पिछले कुछ महीनों से सुर्खियों में है। इन विवादों को लेकर अलग-अलग अदालतों में बहस जारी है। वहीं अब यूपी के बदायूं स्थित मस्जिद को लेकर भी विवाद ( Badaun jama masjid controbversy) शुरू हो गया है। कुछ वकीलों ने अदालत में एक याचिका दायर कर जामा मस्जिद में नीलकंठ महादेव ( NeelKanth mahadev ) होने का दावा किया है।

विवाद गहराने के बाद अलर्ट मोड में पुलिस प्रशासन

दो सितंबर को वादी की याचिका पर सिविल कोर्ट के जज ने वाद दायर करने की इजाजत दे दी है। साथ ही इस मसले पर सुनवाई के लिए 9 सितंबर 2022 की तारीख मुकर्रर की है। जबकि मस्जिद की इंतजामिया कमेटी को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने इस वाद में प्रथम पक्षकार स्वयं भगवान नीलकंठ महादेव ( Neelkanth Mahadev ) महाराज को बनाया है। बदायूं मस्जिद का विवाद ( Badaun jama masjid controbversy) सामने आने के बाद से यह धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। अब मामले को लेकर पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड़ पर आ गया है। इस बीच विवाद की वजह से दोनों समुदायों में आपसी भी कमजोर हुआ है।

इन साक्ष्यों का दिया हवाला

अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक मुकेश पटेल निवासी गांव भरकुइयां थाना सिविल लाइंस, अधिवक्ता अरविंद परमार, ज्ञान प्रकाश, डाक्टर अनुराग शर्मा व उमेश चंद्र शर्मा ने कोर्ट में दावा किया है कि जामा मस्जिद पहले नीलकंठ महादेव का मंदिर था। याचिकाकर्ताओं ने जामा मस्जिद को राजा महीपाल का किला व नीलकंठ महादेव का मंदिर होने की बात अदालत में दाखिल याचिका में रखी है। अदालत ने याचिका को शुक्रवार को अदालत ने संज्ञान में लिया है। हालांकि, इस मामले में अभी अदालत का फैसला नहीं बाकी है। अदालत के समक्ष पेश याचिका में वादी ने ऐतिहासिक पुस्तकों में मस्जिद के नीलकंठ महादेव मंदिर होने के जिक्र का हवाला दिया है। वहीं सूचना व जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित कराई जाने वाली पुस्तक में दिए गए इतिहास में भी इस तथ्य के होने का तर्क रखा है। देश पर आक्रमण करने वाले राजाओं के इतिहास के बारे में जानकारियों समेत कई अन्य तथ्य प्रेषित किए हैं।

देश की बड़ी मजिस्दों में से एक

Badaun Jama Masjid : बता दें कि बदायूं की जामा मस्जिद ( Badaun jama masjid controbversy) देश की बड़ी मस्जिदों की श्रेणी में शुमार है। यह देश की सातवीं सबसे बड़ी मस्जिद है। दिल्ली की जामा मस्जिद के बाद देश की तीसरी पुरानी मस्जिदों में भी इसे गिना जाता है।

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