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उत्तर प्रदेश

संजीत यादव की अपहरण के बाद हत्या, प्रियंका बोलीं- यूपी में गुंडाराज, सरेंडर कर चुकी कानून व्यवस्था

Janjwar Desk
24 July 2020 6:27 AM GMT
संजीत यादव की अपहरण के बाद हत्या, प्रियंका बोलीं- यूपी में गुंडाराज, सरेंडर कर चुकी कानून व्यवस्था
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उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में लगातार कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी शुक्रवार सुबह इस मामले पर ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधा।

जनज्वार। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में लगातार कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी शुक्रवार सुबह इस मामले पर ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधा। कानपुर में लैब असिस्टेंट को किडनैप करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई, जिसपर प्रियंका गांधी ने कहा कि यूपी में एक नया गुंडाराज आया है, जिसमें कानून-व्यवस्था गुंडों के सामने सरेंडर कर चुकी है।



कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने ट्वीट में लिखा, 'उप्र में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। आम लोगों की जान लेकर अब इसकी मुनादी की जा रही है। घर हो, सड़क हो, ऑफिस हो कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता। विक्रम जोशी के बाद अब कानपुर में अपहृत संजीत यादव की हत्या। पुलिस ने किडनैपर्स को पैसे भी दिलवाए और उनकी हत्या कर दी गई।'

'यूपी में नया गुंडाराज आया है'

प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए प्रियंका ने कहा, 'एक नया गुंडाराज आया है। इस जंगलराज में कानून-व्यवस्था गुंडो के सामने सरेंडर कर चुकी है।' बता दें कि बीते 22 जून को लैब टेक्नीशन संजीत यादव का उसके दोस्तों ने ही अपहरण किया था। शुक्रवार को खुलासा हुआ कि उन्होंने अपहरण के चौथे दिन ही संजीत की हत्या कर दी थी। मामले में संजीत के दो दोस्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि संजीत का शव उन्होंने हत्या के बाद पांडू नदी में फेंक दिया था। शव की तलाश की जा रही है।



परिजनों का पुलिस पर आरोप

परिजन का आरोप था कि पुलिस ने किसी तरह की मदद नहीं की। उनका कहना था कि हमने अपना घर और जेवरात बेचकर और बेटी की शादी के लिए जमा की गई धनराशि को इकट्ठा कर 30 लाख रुपये जुटाए थे। 13 जुलाई को पुलिस के साथ अपहरणकर्ताओ को 30 लाख रुपये देने के लिए गए थे। अपहरणकर्ता पुलिस के सामने से 30 लाख रुपये लेकर चले गए थे। 30 लाख जाने के बाद भी बेटा नहीं मिला तो, पुलिस पर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद एसएसपी ने बर्रा इंस्पेक्टर रणजीतरॉय को निलंबित कर दिया था।

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