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Azamgarh sharab kand: शराब कारोबारी और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत ने दी एक दर्जन को मौत और कई हुए विकलांग

(आजमगढ़ के गांवों में जहरीली शराब से हाहाकार)
Azamgarh sharab kand: आजमगढ़ जहरीली शराब कांड : शराब कारोबारी और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत ने दी एक दर्जन को मौत और कई हुए विकलांग
लखनऊ। भाकपा (माले) के 7 सदस्यीय जांच दल ने आजमगढ़ जहरीली शराब कांड से प्रभावित माहुल कस्बा व आसपास के गांवों का दौरा कर मृतकों के परिवारों से भेंट की और जहर के प्रभाव से विकलांग बन गए लोगों का हालचाल जाना।
टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में पीड़ितों और गांववासियों के हवाले से कहा है कि स्थानीय प्रशासन और शराब कारोबारी की मिलीभगत से इतनी बड़ी घटना घटी। सरकारी महकमे और शासन-प्रशासन के लोग शराब की दुकानों की जांच करते और सैम्पलिंग कराते, तो सरकारी ठेके पर न तो जहरीली देशी शराब बिकती और न ही कई परिवारों को अपनों को खोना पड़ता। बीती 20 फरवरी को हुई इस घटना में लगभग एक दर्जन मौतें हुईं, कई लोग गम्भीर रूप से बीमार पड़ गए, कइयों की आंखों की रोशनी चली गई और विकलांग हो गए।
माले जांच दल ने माहुल शराब कांड की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने, मृतकों के परिवारों व विकलांग हुए लोगों को पर्याप्त मुआवजा देने और जहरीली शराब के अवैध धंधे पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। ऐसा न होने पर माले पीड़ितों के पक्ष में आन्दोलन करेगी।
टीम ने माहुल कस्बा, दखिनगांवा, रसुलपुर, मोती पैर (इमामगढ़) आदि इलाकों में जाकर मृतकों के परिजनों को ढांढ़स बंधाया।
जांच टीम में भाकपा (माले) नेता विनोद सिंह, सुदर्शन राम, हरीशचंद्र, निरंकार राजभर, शिवम गिरी, प्रवीण विश्वकर्मा व कृष्णा गिरी शामिल थे।











