Top
उत्तर प्रदेश

युवाओं की बेरोजगारी के विरोध के बीच सीएम योगी का नया दांव, 2022 चुनाव के बाद होगा ये

Janjwar Desk
5 Sep 2020 11:47 AM GMT
युवाओं की बेरोजगारी के विरोध के बीच सीएम योगी का नया दांव, 2022 चुनाव के बाद होगा ये
x
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए रणनीति बनाने में लगी है, योगी सरकार 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला प्रदेश बनाने की योजना तय करने के लिए कंसलटेंट का चयन करने जा रही है, योगी कैबिनेट ने शुक्रवार को बाइ सर्कुलेशन कंसलटेंट चयन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है....

जनज्वार। आज 5 सितंबर शिक्षक दिवस है और शाम 5 बजे प्रदेश के तमाम बेरोजगारों ने रोजगार ना मिलने के चलते ताली-थाली इत्यादि बजाकर सरकार का विरोध दर्ज कराएगी। शोसल मीडिया में बीते दो महीनो से बेरोजगारों ने मुहिम चला रखी है। वहीं सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक नया फसाना लेकर आए हैं कह रहे यूपी को 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था वाल राज्य बनाने का लक्ष्य साध रहे हैं। वो भी कब 2022 के चुनाव बाद।

प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए रणनीति बनाने में लगी है। योगी सरकार 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला प्रदेश बनाने की योजना तय करने के लिए कंसलटेंट का चयन करने जा रही है। योगी कैबिनेट ने शुक्रवार को बाइ सर्कुलेशन कंसलटेंट चयन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को 50 खरब डॉलर अर्थव्यवस्था वाला देश बनाने का लक्ष्य दिया है।

इस लक्ष्य में यूपी ने अपनी सहभागिता निभाने के लिए 2024-25 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 10 खरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए सुझाव देने, नियमित समीक्षा करने और कंसलटेंट के चयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया गया है। उच्चाधिकार समिति ने कंसलटेंट के चयन लिए (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) आरएफपी तैयार किया है। आरएफपी के आधार पर कंसलटेंट चयन के लिए ई-टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।

टेंडर में उच्चाधिकार समिति के सहयोग के लिए एक सब-ग्रुप भी गठित किया जाएगा। सब-ग्रुप आरएफपी के आधार पर ई-टेंडर में प्राप्त होने वाले प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए उसे उच्चाधिकार समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगा। उच्चाधिकार समिति द्वारा प्रजेंटेशन के लिए संस्थाओं को शार्टलिस्ट किया जाएगा और आरएफपी की शर्तों के अनुसार कंसलटेंट का चयन किया जाएगा।

इस पूरी प्रक्रिया में कसलटेंट का चयन पांच वर्ष की अवधि के लिए किया जाएगा। कंसलटेंट को 150 दिन में अपनी तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। तकनीकी रिपोर्ट में दिए गए सुझावों के क्रियान्वयन के लिए सरकार के विभिन्न विभागों को सहयोग भी करना होगा।

Next Story

विविध

Share it