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उत्तर प्रदेश

कानपुर सजेती कांड के बाद गैंगरेप पीड़िता के दादा को मिली धमकी, मुकदमा वापस लेने का बनाया जा रहा दबाव

Janjwar Desk
13 March 2021 7:14 AM GMT
कानपुर सजेती कांड के बाद गैंगरेप पीड़िता के दादा को मिली धमकी, मुकदमा वापस लेने का बनाया जा रहा दबाव
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पिता के संदिग्ध एक्सीडेंट के बाद रोते-बिलखते गैंगरेप पीड़िता के परिजन

पुलिस अफसरों ने जब सीसीटीवी फुटेज निकाले तो पता चला कि कानपुर कांड में एक सिपाही भी वहां से ठीक पांच मिनट पहले बाइक से गुजरा था, अफसरों ने उससे संपर्क कर ट्रक के बारे में जानकारी ली, लेकिन वो कुछ बता नहीं सका...

जनज्वार, कानपुर। घाटमपुर के सजेती कांड में अब सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के दादा को जान से मारने की धमकी मिली है। पीड़िता के दादा को केस वापस न लेने पर पीड़िता के पिता की तरह अंजाम भुगतने की बात कहकर धमकाया गया है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी समेत पुलिस अफसरों को इस बारे में जानकारी देकर तहरीर दी है। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि सजेती के एक गांव में सोमवार 8 मार्च की शाम को 13 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। मामले में मंगलवार 9 मार्च की शाम दरोगा पुत्र दीपू यादव समेत अन्य आरोपियों पर एफआईआर दर्ज हुई थी। बुधवार 10 मार्च की सुबह पीड़िता के पिता की घाटमपुर में ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। पीड़िता के पिता की मौत के बाद मामले में पीड़िता के चाचा और दादा पैरवी कर रहे हैं।

पीड़िता के दादा ने बताया कि आरोपी पक्ष से उनको जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। पीड़िता के दादा ने जो शिकायत की है उसमें यह साफ नहीं बताया है कि धमकी कौन और कैसे दे रहा है। शिकायत में बस यह लिखा है कि समझौता करने और केस को खत्म करने के लिए तरह-तरह से धमकियां मिल रही हैं।

वहीं पीड़िता के पिता को कुचलने वाला ट्रक खोजना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। जिसके चलते केस उलझ गया है। जिस ट्रक को पुलिस ने पकड़ा, उससे हादसा हुआ ही नहीं। अब उसके आगे पीछे चलने वाले ट्रकों की तलाश की जा रही है। एसपी ग्रामीण का कहना है कि टोल प्लाजा से वारदात के करीब आधे घंटे बाद से एक घंटे बाद तक गुजरने वाले ट्रकों का ब्योरा लिया गया है। एक-एक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हत्यारोपी दरोगा फरार है। उसका मोबाइल भी बंद हैं। पुलिस ने उसके परिजनों को उठाया है।

दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को चिन्हित किया था जो हादसे के वक्त घटनास्थल के आस-पास मौजूद थे। इसमें एक चाय वाला, तीन सफाईकर्मी, एक पंचर बनाने वाला और खुद मृतक का चचेरा भाई शामिल है। अफसरों ने इन सभी से पहले फौरीतौर पर पूछताछ की थी। शुक्रवार 12 मार्च को पुलिस ने पंचर बनाने वाले के बयान लिए तो उसका कहना था कि उसने घटना देखी ही नहीं। डीआईजी ने बताया कि अन्य सभी के बयान लिए जा रहे हैं। कुछ ने घटना देखने की बात कही है। मृतक के चचेरे भाई के बयान बेहद अहम हैं जिसने खुदकुशी की बात कही थी।

एसपी ग्रामीण ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस अफसरों ने जब सीसीटीवी फुटेज निकाले तो पता चला कि एक सिपाही भी वहां से ठीक पांच मिनट पहले बाइक से गुजरा था। अफसरों ने उससे संपर्क कर ट्रक के बारे में जानकारी ली, लेकिन वो कुछ बता नहीं सका। ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन से भी पुलिस को कुछ खास मदद नहीं मिल सकी है। पीड़ित परिजनों ने धमकी देने के मामले की शिकायत की है। तहरीर मिली है। कुछ संदिग्ध लोगों के नाम बताए हैं। जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी गई है। गांव में भी पुलिस बल की तैनाती है।

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