Kanpur Top News: दावत-ए-इस्लामी इंस्टीट्यूट की भनक प्रशासन को लगी एएसपी ने जांच शुरू की

Kanpur Top News: कानपुर में दावत-ए-इस्लामी इंस्टीट्यूट कब्जे की जमीन पर चल रहा है। एसीपी कर्नलगंज को शिकायत पत्र मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। उन्होंने नगर निगम, केडीए और बीएसए से जमीन संबंधी जानकारी मांगी है।
उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी चर्चा में आया। इसकी जड़ें में फैली हैं। संगठन का कर्नलगंज में चार मंजिला इमारत है, जिसमें संगठन इंस्टीट्यूट चलाने का दावा करता है। एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय को एक एक गुमनाम शिकायती पत्र मिला। जिस पर उन्होंने जांच शुरू कर दी है। 5 जुलाई को पोस्ट के जरिये भेजे गये शिकायती पत्र में कहा गया कि
कर्नलगंज के छोटेमियां हाता में नगर निगम के दो स्कूल संचालित थे। इनमें कक्षा एक से कक्षा पांच तक की पढ़ाई होती थी। एक नवीन प्राइमरी स्कूल बेकनगंज व दूसरा बेसिक प्राइमरी स्कूल नगर निगम के नाम से जाना जाता था। दोनों ही स्कूल 6 साल पूर्व अचानक बंद हो गए।
आरोप है कि भूमाफिया और अधिकारियों की मिलीभगत से यह जमीन बेच दी गई। इसमें तीन सौ वर्गगज की रजिस्ट्री अवैध तरीके से दावत-ए-इस्लामी के नाम की गई। इसके बाद इमारत के बाहर अंग्रेजी और उर्दू में दावत-ए-इस्लामी इंडिया का बोर्ड लगा दिया गया। एसीपी ने बावत नगर निगम, केडीए और बीएसए को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट मांगी है। नगर निगम संपत्ति विभाग के प्रभारी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि जमीन पर दावत-ए-इस्लामी का इंस्टीट्यूट खुलने की बात सामने आई है। इसकी जांच कराकर तथ्यों से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। सूत्रों बताते नगर निगम के स्कूलों को लेकर कोर्ट में वाद दायर है।
दावत-ए-इस्लामी पाकिस्तानी संगठन है। इसका संस्थापक मौलाना इलियास अत्तारी पाकिस्तान में रहता है। वहीं से संगठन का संचालन करता है। आरोप है कि संगठन साहित्य से नफरत फैलाने का काम करता है। इस संगठन की जड़े शहर से जुड़ी है। एसीपी कर्नलगंज ने बताया अभी जांच चल रही।पाकिस्तानी संगठन की इमारत स्कूल की जमीन पर बनी है या नहीं। इसका पता चलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।











