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उत्तर प्रदेश

आ गई विकास दुबे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, जानिए कहां और कितनी लगी गोली

Janjwar Desk
20 July 2020 4:29 AM GMT
आ गई विकास दुबे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, जानिए कहां और कितनी लगी गोली
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कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद मोस्ट वांटेड बने विकास दुबे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक विकास दुबे की मौत गोली लगने के बाद खून बहने के अलावा शॉक की वजह से हुई है।

जनज्वार। कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद मोस्ट वांटेड बने विकास दुबे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक विकास दुबे की मौत गोली लगने के बाद खून बहने के अलावा शॉक की वजह से हुई है।

अस्पताल सूत्राें के मुताबिक विकास दुबे के तीन गोलियां आरपार हुई थीं और शरीर पर कई जख्म के निशान थे। दाहिने कंधे, बाएं सीने में गोलियां लगी थी। दाहिने हिस्से में सिर, कोहनी, पसली और पेट में चोट के निशान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताए जा रहे हैं। ये जख्म गोलियां लगने के बाद गिरने से हुए होंगे। फॉरेंसिक एक्सपर्ट के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट दस इंजरी का जिक्र है। हालांकि अभी इसकी आधाकारिक पुष्टि नहीं हुई है।



आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपित विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद उसके करीबी ब्रह्ननगर के कारोबारी जयकांत बाजपेई को पुलिस ने रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। उस पर विकास को कारतूस सप्लाई करने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही मुठभेड़ में मारे जा चुके बउवन के जीजा डब्बू को भी दबोच लिया गया। दोनों के खिलाफ षड्यंत्र रचने और आर्म्स एक्ट की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद इन्हें जेल भेजा जाएगा। पुलिस जय को हिरासत में लेकर कई दिनों से पूछताछ कर रही थी।

बिकरू कांड के बाद पुलिस ने विजय नगर से तीन लावारिस लग्जरी कारें बरामद की थीं। जांच की गई तो पता चला कि कारें जय की हैं। यह भी साफ हुआ कि जय के विकास से करीबी रिश्ते हैं। वह दुबे के फंड मैनेजर की तरह काम कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने जय के असलहा और कारतूस की जांच शुरू की। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक जय के घर से 20 से ज्यादा कारतूस कम पाए गए। पूछताछ में ठीक जवाब नहीं दे सका। पुलिस औऱ एसटीएफ की संयुक्त टीम की जांच में सामने आया कि जय बाजपेई ने घटना से कुछ दिन पहले विकास को कारतूस सप्लाई किए थे। वह विकास के पैसों को ब्याज पर लगाने के साथ बीसी में भी चलाता था।

दो जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस पर विकास और उसके साथियों ने हमला कर दिया था। इसमें आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने विकास के मामा प्रेम प्रकाश, अमर, प्रभात और बउवन को मुठभेड़ में मार गिराया था। वहीं कई लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। विकास कई दिनों पर पुलिस को छकाता रहा फिर मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर में पकड़ा गया। उज्जैन से कानपुर लाते समय उसका कथित एनकाउंटर हुआ। पुलिस का कहना है कि कानपुर के पास विकास जिस गाड़ी में बैठा था वह पलट गई और विकास ने भागने की कोशिश की, पुलिस पर भी गोलियां चलाई। जवाब में पुलिस की कार्रवाई में वह मारा गया।

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