UP में बारिश से ढहे दो कच्चे मकान, मलबे में दबकर 3 सगी बहनों समेत 6 की मौत

प्रतीकात्मक फोटो
जनज्वार। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के रायपुर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण एक कच्चे मकान की दीवार ढह गई, जिसमें दबने से 3 नाबालिग बहनों की मौत हो गई। मऊ तहसील के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) राज बहादुर ने इस घटना की पुष्टि की।
राज बहादुर ने कहा, "अशोक वर्मा के कच्चे मकान की दीवार ढहने से उनकी तीन बेटियों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 12 साल की रितु, 9 साल की शिवदेवी और 5 साल की पूजा के रूप में हुई है। दीवार ढहने के बाद ग्रामीणों ने मलबे को हटाकर लड़कियों को बचाने का प्रयास किया, लोकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।" शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक तीनों बहनें शनिवार 29 अगस्त की शाम को घर का कुछ सामान लेने पड़ोस की दुकान पर गई थीं। वापस लौटकर जैसे ही वे अपने दरवाजे पर पहुंची, घर की कच्ची दीवार भरभराकर उनके ऊपर गिर गई, जिस कारण तीनों बहनें दीवार के मलबे में दब गईं।
दीवार गिरने की आवाज सुनकर परिजन और पड़ोसी भागकर वहां पहुंचे, मगर जब तक उन तीनों को बाहर निकाला गया उनकी मौत हो चुकी थी।
यह पहली घटना नहीं है जब गरीब—मजदूर परिवारों के साथ इस तरह की घटना घटी है। इससे पहले यूपी के ही फतेहपुर जिला स्थित बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के रतवाखेड़ा गांव निवासी सुनील पाल के यहां खेल रहे 9 बच्चों पर शनिवार 29 अगस्त की शाम को कच्चा मकान भरभरा कर ढह गया। सभी बच्चे मकान के मलबे में दब गए, ग्रामीणों की मदद से सभी बच्चों को निकालकर बिन्दकी सीएचसी पहुंचाया गया, मगर इनमें से 3 बच्चों की मौत हो गयी।
मृतकों में सुनील के दो बेटों 2 साल के शिशुपाल, 5 साल के सभाजीत और चचेरे भाई शिवपूजन की 15 वर्षीय बेटी गुड़िया शामिल थीं। जानकारी के मुताबिक सुनील पाल की चचेरी बहन दो दिन पहले अपने दो बच्चों के साथ उनके आई थी, यह दोनों बच्चे भी बुरी तरह घायल हुए हैं। सभी बच्चों को सीएचसी में भर्ती कर उनका उपचार शुरू किया गया। हादसे के बाद परिजनों का बहुत बुरा हाल है।





