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उत्तर प्रदेश

UP में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन, बिना वारंट SSF जवान कर सकेंगे घर-संपत्ति की जांच और गिरफ्तारी

Janjwar Desk
13 Sep 2020 11:09 AM GMT
UP में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन, बिना वारंट SSF जवान कर सकेंगे घर-संपत्ति की जांच और गिरफ्तारी
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file photo

UP में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स पर सरकार की इजाजत के बगैर कोर्ट भी नहीं करेगा कार्रवाई, प्राइवेट कंपनियां भी पैसा देकर ले सकती हैं इनकी सेवायें

जनज्वार। उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (Special security force) के गठन की अधिसूचना शासन की ओर से जारी कर दी गई है। यूपी एसएसएफ को ढेर सारी शक्ति प्रदान की गई है। यहां तक कि बिना वारंट गिरफ्तारी और तलाशी की पॉवर एसएसएफ दी गई है। एसएसएफ बिना सरकार की इजाज़त के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट भी संज्ञान नहीं लेगी।

गौरतलब है कि महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों, दफ्तरों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी यूपी एसएसएफ के पास होगी। वहीं प्राइवेट कंपनियां भी पेमेंट देकर इसकी सेवाएं ले सकेंगी। एडीजी स्तर का अधिकारी यूपी एसएसएफ का मुखिया होगा और इसका मुख्यालय लखनऊ में होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीती 26 जून को उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल के गठन को मंजूरी दी थी। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए यूपी एसएसएफ के गठन की मंजूरी के बाद अब गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। शुरुआत में यूपी एसएसएफ की पांच बटालियन गठित होंगी और इसके एडीजी अलग नियुक्त किये जायेंगे। यूपी एसएसएफ अलग अधिनियम के तहत काम करेगी।

सूत्रों के मुताबिक यूपी एसएसएफ को स्पेशल पॉवर दी गई है। इसके तहत बल के किसी भी सदस्य के पास अगर यह विश्वास करने का कारण है कि धारा 10 में निर्दिष्ट कोई अपराध किया गया है या किया जा रहा है और यह कि अपराधी को निकल भागने का, या अपराध के साक्ष्य को छिपाने का अवसर दिए बिना तलाशी वारंट प्राप्त नहीं हो सकता तब वह उक्त अपराधी को निरुद्ध कर सकता है।

इतना ही नहीं वह तत्काल पावर से उसके घर व संपत्ति की तलाशी ले सकता है। यदि वह उचित समझे तो ऐसे किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है, लेकिन शर्त यही है कि उसे यह विश्वास हो कि उसके पास यह वजह हो कि उसने अपराध किया है। एसएसएफ के मामले में जो सबसे महत्वपूर्ण बात है वह यह कि प्राइवेट कंपनियां भी पेमेंट देकर एसएसएफ की सेवाएं ले सकेंगी।

एसएसएफ का मुख्यालय राजधानी लखनऊ में होगा और एडीजी स्तर का अधिकारी इस फोर्स का प्रमुख बनाया जायेगा। बिना सरकार की इजाजत के एसएसएफ अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ अदालत भी संज्ञान नहीं ले सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 जून को उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल के गठन को मंजूरी दे दी थी। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए यूपीएसएसएफ के गठन की मंजूरी के बाद अब गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। शुरुआत में यूपीएसएसएफ की पांच बटालियन गठित होंगी।

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