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उत्तर प्रदेश

मोर्चरी में रखे व्यक्ति के शरीर में दिखी हरकत तो बंधी उम्मीद, निजी अस्पताल गए तो मृत घोषित, हंगामा

Janjwar Desk
9 July 2020 1:05 PM GMT
मोर्चरी में रखे व्यक्ति के शरीर में दिखी हरकत तो बंधी उम्मीद, निजी अस्पताल गए तो मृत घोषित, हंगामा
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शवगृह में रखे व्यक्ति की बाॅडी में हल्की हरकत दिखने पर परिवार को उम्मीद बंधी थी कि वह जीवित बच जाए, लेकिन ऐसा हो नहीं सका...

जनज्वार। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक फैक्ट्री की पुताई कर रहे दो श्रमिक करेंट की चपेट में आ गए। करेंट की चपेट में आये श्रमिकों को देख फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोनों श्रमिकों को अस्पताल भेजा गया। जहां एक श्रमिक को जिला अस्पताल के डॉक्टर ने डेड घोषित कर मोर्चरी में रखवा दिया गया। करीब दो घंटे बाद मोर्चरी पहुंचे परिजनों को मृतक के शरीर में हरकत दिखी, जिस पर परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया और मरीज को मोर्चरी से उठाकर कानपुर ले गए। कानपुर में एक निजी अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित किया।

इसके बाद उन्नाव-शुक्लागंज राजमार्ग पर परिजनों ने शव व लकड़ी के टुकड़े डालकर रास्ता जाम कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने फैक्ट्री में पथराव शुरू कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट और कोतवाली पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। सदर विधायक ने मौके पर जाकर आर्थिक मदद का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने कहा कि मृतक के परिजनों से जांच की मांग होने पर जांच कराई जाएगी। वहीं डॉक्टर की लापरवाही की पुष्टि पोस्र्टमार्टम रिपोर्ट से होगी।

क्या है मामला?

गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के कटहा दल नारायणपुर के रहने वाले राजकुमार जो कि सदर कोतवाली क्षेत्र के मगरवारा इंड्रस्ट्रियल एरिया में मिर्जा इंटरनेशनल फैक्ट्री रेड टेप यूनिट वन में पुताई का काम करता है। गुरुवार की सुबह राजकुमार अपने साथी प्रकाश के साथ पुताई का काम कर रहा था। तभी करंट की चपेट में आकर राजकुमार वा प्रकाश मरणासन्न हो गए। फैक्ट्री प्रबंधन ने दोनों घायलों को आनन फानन जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इमरजेंसी डॉक्टर ने राजकुमार को डेड घोषित कर शव को मोर्चरी में रखवा दिया। करीब 2 घंटे बाद मृतक राजकुमार की पत्नी दीपिका व उसके परिजन मोर्चरी में पहुंचे तो राजकुमार के चेहरे पर हरकत देखी तो परिजन अवाक रह गए।

परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया और राजकुमार को पोस्टमार्टम हाउस से लेकर कानपुर चले गए। जहां एक निजी अस्पताल में भी डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद करीब एक बजे परिजन शव को लेकर फैक्ट्री गेट पहुंचे। जहां फैक्ट्री गेट के सामने उन्नाव-शुक्लागंज राजमार्ग पर शव व लकड़ी के टुकड़े डालकर रास्ता पूरी तरीके से जाम कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए फैक्ट्री पर पथराव कर दिया।

मौके पर सदर कोतवाली के अलावा कई थानों की फोर्स पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस बल जुट गया। सदर विधायक पंकज गुप्ता व सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल भी मौके पर पहुंचे। सदर विधायक ने मृतक के परिजनों को मामले की जांच कराकर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर मृतक के परिजन शांत हुए और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शाम करीब तीन बजे तक हंगामा चलता रहा।

सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने बताया कि मृतक के परिजनों का आरोप है कि मृतक के शरीर में हरकत हो रही थी और डॉक्टरों ने मृत घोषित कर मोर्चरी में रखवा दिया। जबकि डॉक्टरों का कहना है कि जांच के बाद ही युवक को मृत घोषित किया गया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि अगर परिजन जांच की मांग करते हैं, तो जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत कितने बजे हुई है, इसकी सही जानकारी हो सकेगी।

बताया गया है कि मृतक के परिजनों को इंश्योरेंस व अन्य लाभ दिया जाएगा। फैक्ट्री प्रबंधन मुआवजे के रूप में तीन लाख 30 हजार रुपये, बीमा के तहत पांच लाख व 30 हजार का अन्य लाभ दिया जाएगा। परिजनों के भरण पोषण का भी प्रबंध किया जाएगा।

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