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Yasin Malik Verdict : यासीन मलिक को आजीवन उम्रकैद की सजा और 10 लाख का जुर्माना

Janjwar Desk
25 May 2022 12:50 PM GMT
Yasin Malik Verdict : यासीन मलिक को आजीवन उम्रकैद की सजा और 10 लाख का जुर्माना
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Yasin Malik Verdict : यासीन मलिक को आजीवन उम्रकैद की सजा और 10 लाख का जुर्माना

Yasin Malik Verdict : यासीन मलिक को दो उम्रकैद की सजा, तीन दस-दस साल की सजा सुनायी गयी है। ऐसे में उसको दी गयी कुल सजा 58 वर्ष की हो जाती है। ऐसे में अपनी पूरी जिंदगी यासीन मलिक को अब जेल में ही गुजारनी पड़ेगी। एनआईए के स्पेशल जज प्रवीण सिंह ने यासीन मलिक को सजा सुनाते हुए कहा है कि यासीन मलिक को सुनायी गयी सारी सजा एक साथ चलेगी और उसे ताउम्र जेल में रहना पड़ेगा...

Yasin Malik Verdict : दिल्ली के​ तिहाड़ जेल में बंद कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक पर दिल्ली के एनआईए कोर्ट ने आजीवन उम्रकैद की सजा (Yasin Malik Verdict) और दस लाख का जुर्माने की सजा सुनायी है। यासीन मलिक को दो उम्रकैद की सजा, तीन दस-दस साल की सजा (Yasin Malik Verdict) सुनायी गयी है। ऐसे में उसको दी गयी कुल सजा 58 वर्ष की हो जाती है। ऐसे में अपनी पूरी जिंदगी यासीन मलिक को अब जेल में ही गुजारनी पड़ेगी। एनआईए के स्पेशल जज प्रवीण सिंह ने यासीन मलिक को सजा सुनाते हुए कहा है कि यासीन मलिक को सुनायी गयी सारी सजा एक साथ चलेगी और उसे ताउम्र जेल में रहना पड़ेगा। यासीन मलिक पर यह फैसला टेरर फंडिंग के मामले में आयी है। इस बीच मलिक पर फैसला आने से पहले कश्मीर के कुछ इलाकों में उपद्रवियों ने पत्थरबाजी की कोशिश की है। पर सुरक्षाबलों ने उन्हें खदेड़ दिया है। इस दौरान सुरक्षाबलों की ओर से आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।

आपको बता दें कि एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने 19 मई को मलिक को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोपों में दोषी (Yasin Malik Verdict) ठहराया था।इससे पहले पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश ने एनआईए अधिकारियों को उनकी वित्तीय स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया था, जिससे जुर्माने की राशि निर्धारित की जा सके। बीते 10 मई को मलिक ने अदालत में कहा था कि वह खुद के खिलाफ लगाए आरोपों का सामना नहीं करना चाहता है। उसने अपना जुर्म कबूल लिया था। मलिक इस वक्त दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है।

यासीन मलिक ने कोर्ट में कहा था कि बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद 30 मिनट के अंदर ही मुझे गिरफ्तार कर लिया गया। पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने मुझे पासपोर्ट आवंटित किया और मुझे भारत ने व्याख्यान देने की अनुमति दी, क्योंकि मैं अपराधी नहीं था। यहां तक कि न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले से पहले मलिक के खिलाफ कोई मामला या मुकदमा नहीं चल रहा था। एनआईए ने धारा 121 के तहत अधिकतम सजा की मांग की हैअधिकतम सजा मौत तक फांसी दी जानी है।

इस धारा के तहत न्यूनतम सजा (Yasin Malik Verdict) आजीवन कारावास है। मलिक ने यह भी कहा कि 1994 में हथियार छोड़ने के बाद मैंने महात्मा गांधी के सिद्धांतों का पालन किया है और तब से मैं कश्मीर में अहिंसक राजनीति कर रहा हूं। कोर्ट रूम में यासीन ने कहा कि 28 सालो में अगर मैं कही आतंकी गतिविधि या हिंसा में शामिल रहा हूं इंडियन इंटेलिजेंस अगर ऐसा बता दे तो मैं राजनीति से भी सन्यास ले लूंगा, फांसी मंजूर कर लूंगा. 7 पीएम के साथ मैंने काम किया है।

यासीन मलिक पर कौन-कौन से आरोप थे

अलगाववादी नेता यासीन मलिक पर यूएपीए के तहत कई मामले (Yasin Malik Verdict) दर्ज हैं। इनमें धारा 16 के तहत आतंकवादी गतिविधि, धारा 17 आतंकवादी गतिवधि के लिए धन जुटाना,धारा 18 आतंकवादी कृत्य की साजिश रचना, धारा 20 आतंकवादी समूह या संगठन का सदस्य होना, भारतीय दंड संहिता

धारा 120-बी आपराधिक साजिश, धारा 124-ए देशद्रोह, साल 2017 की हिंसा से जुड़ा है मामला। आपको बता दें कि आतंकी बुरहान की मुठभेड़ में मौत के बाद साल 2016-2017 में कश्मीर घाटी में आतंकी घटनाएं बढ़ी थीं। इसके बाद जांच एजेंसी एनआईए ने यासीन मलिक और अन्य अलगाववादियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।

मामले में इन पर लगे थे आरोप

फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, शब्बीर शाह, मसर्रत आलम, मोहम्मद यूसुफ शाह, आफताब अहमद शाह, अल्ताफ अहमद शाह, नईम खान, मोहम्मद अकबर खांडे, राजा मेहराजुद्दीन कलवाल, बशीर अहमद भट, जहूर अहमद शाह वटाली, शब्बीर अहमद शाह, अब्दुल राशिद शेख और नवल किशोर कपूर सहित अन्य कश्मीरी अलगाववादी नेता. आरोप पत्र में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन का भी नाम था, जिन्हें मामले में भगोड़ा घोषित किया गया है. यासीन मलिक सजा को लेकर उनकी पत्नी मुशाल ने पाकिस्तान में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

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