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कैब में डफली लेकर बैठा लेखक फोन से CAA-NRC पर कर रहा था बात, तो ड्राइवर ले गया पुलिस थाने

Prema Negi
7 Feb 2020 6:46 AM GMT
कैब में डफली लेकर बैठा लेखक फोन से CAA-NRC पर कर रहा था बात, तो ड्राइवर ले गया पुलिस थाने
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बहाने से पुलिस के पास ले गया उबर कैब चालक ने कहा 'मेरी गाड़ी में बैठी सवारी कर रहा था CAA-NRC के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों पर बात इसलिए ले आया थाने....

जनज्वार। अगर आप CAA-NRC की खिलाफत कर रहे हों तो सतर्क हो जाइये, नहीं तो आपकी कहीं भी लिंचिंग हो सकती है और भाजपा समर्थक मोदीभक्त कहीं भी आपको निशाना बना सकते हैं। यकीन नहीं आ रहा तो मुंबई में लेखक—कवि बप्पादित्य सरकार की घटना को जान लें, जिन्हें कैब चालक बजाय गंतव्य तक पहुंचाने के ​थाने ले गया क्योंकि वे CAA-NRC पर बात कर रहे थे।

जानकारी के मुताबिक लेखक—कवि बप्पादित्य सरकार संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर बुधवार 5 फरवरी की रात को फोन पर कैब में बैठकर किसी से बात कर थे और कैब चालक ने बजाय उन्हें गंतव्य तक छोड़ने के थाने पहुंचा दिया।

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स घटना पर ट्वीट करते हुए ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वुमंस एसोसिएशन की सचिव कविता कृष्णन ने गुरुवार 6 फरवरी को इस घटना के बारे में ट्वीट किया था। कविता कृष्णन ने ट्वीट किया है और बप्पादित्य के बयान के स्क्रीनशॉट साझा किये हैं। अपने ट्वीट में स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कविता कृष्णन लिखती हैं, कल रात, मुंबई में कवि बप्पादित्य के साथ एक डरावना प्रकरण हुआ। एक Uber कैब ड्राइवर बजाय गंतव्य तक पहुंचाने के उन्हें पुलिस के पास ले गया। यह NPR, NRC, CAA के नाम पर एक डरावने भारत की झलक है, जहाँ हर व्यक्ति को संदेह की निगाहों से देखा जाता है। पुलिस किसी को भी परेशान कर सकती है।'

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विता कृष्णन ने ट्वीट में जो स्क्रीनशॉट शेयर किये हैं उसके मुताबिक, बप्पादित्य सरकार बुधवार 5 फरवरी की रात लगभग साढ़े दस बजे जुहू से कुर्ला के लिए उबर की कैब ली थी। बप्पादित्य जयपुर से हैं और मुंबई बाग में हो रहे CAA विरोधी प्रदर्शन में गए थे। वहीं से लौटने के दौरान यात्रा में वह मोबाइल फोन पर अपने मित्र से दिल्ली के शाहीनबाग में ‘लाल सलाम' नारे के बारे में बात कर रहे थे। इस बात को सुन रहे चालक ने कैब रोकी और उनसे कहा कि उसे एटीएम से पैसे निकालने हैं। चालक जब लौटा तो उसके साथ दो पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने बप्पादित्य से कथित तौर पर पूछा कि उनके पास ‘डफली' क्यों है, और उनका पता भी पूछा।

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विता बयान के अनुसार बप्पादित्य ने पुलिसकर्मियों से कहा कि वह जयपुर से हैं और मुंबई बाग में हो रहे CAA विरोधी प्रदर्शन में गए थे। चालक ने पुलिस से कहा कि वह बप्पादित्य को हिरासत में ले क्योंकि ‘वह कह रहा था कि वह कम्युनिस्ट है और देश को जलाने की बात कर रहा था।' कैब चालक ने यह दावा भी किया कि उसने फोन पर हुई बात को रिकॉर्ड किया है। बयान में कहा गया कि इसके बाद बप्पादित्य को थाने ले जाया गया। ट्वीट में थाने के नाम का उल्लेख नहीं नहीं किया गया है।

विता कृष्णन ने जो ट्वीट साझा किया है उसके मुताबिक बप्पादित्य ने पुलिस से बातचीत सुनने का आग्रह किया, ताकि कैब ड्राइवर जो कह रहा है वह उसकी सफाई दे सकें। बकौल बप्पादित्य कैब ड्राइवर ने कवि-कार्यकर्ता से कथित तौर पर यह भी कहा कि आप लोग देश को बर्बाद कर दोगे और क्या आप यह उम्मीद करते हैं कि हम चुपचाप बैठकर आपको देखते रहेंगे।'

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कविता कृष्णन ने जो स्क्रीनशॉट शेयर किया है उसके मुताबिक कैब चालक ने बप्पादित्य से यह भी कहा कि तुमको मेरा आभारी होना चाहिए कि मैं थाने ले आया, नहीं तो कहीं और भी ले जा सकता था। हालांकि ट्वीट में कहा गया कि पुलिस कवि बप्पादित्य के साथ अच्छे से पेश आई और उनका बयान दर्ज कराया।

स्क्रीनशॉट के मुताबिक ही रात लगभग एक बजे कम्युनिस्ट कार्यकर्ता एस गोहिल थाने पहुंचे, जिसके बाद सरकार को वहां से जाने दिया गया। कृष्णन द्वारा ट्वीट किए गए बयान की मानें तो पुलिस ने बप्पादित्य को सलाह दी कि वह ‘डफली' साथ न रखें या लाल स्कार्फ न पहनें, ‘क्योंकि माहौल खराब है और कुछ भी हो सकता है।'

विता कृष्णन ने अपने ट्वीट को मुंबई पुलिस और उबर को भी टैग किया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने उनके ट्वीट के जवाब में कहा कि वह मामले की विस्तृत जानकारी दें।

स घटना के बाद एक नई बहस छिड़ गयी है कि क्या CAA-NRC का विरोध या उस पर बात करने मात्र से कोई देशद्रोही या संदिग्ध हो जाता है। आखिर कोइ लाल स्कार्फ पहनने या डफली साथ रखने से संदिग्ध कैसे हो सकता है।

घटना पर ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वुमंस एसोसिएशन की सेक्रेटरी कविता कृष्णन जनज्वार से हुई बातचीत में कहा है, 'ये घटना काफी चिंताजनक है। किसी भी व्यक्ति के निजी विचार देशद्रोही नहीं हो सकते है, लेकिन इस सरकार में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि सरकार और सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलना आज के समय देशद्रोही हो गया है। जो घटना मुंबई में उबर में बैठे व्यक्ति के साथ हुई है, वो काफी चिंताजनक है। कोई व्यक्ति किसी भी मुद्दे को लेकर अपनी बात रखता है। ये लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन जिस तरह से उबर कैब वाला उसको पुलिस स्टेशन ले गया, वो कहीं से भी सहीं नहीं है। जिस तरह मुबंई पुलिस ने उस लड़के साथ 2 घंटे तक पूछताछ की है, वो पूरी तरह से गलत है। पुलिस को कोई हक नहीं है कि वो किसी व्यक्ति से इस तरह से पूछताछ करे।'

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