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शिक्षा

सितंबर में नया सत्र शुरू होते ही कॉलेजों में हफ्ते में 5 के बजाय 6 दिन होगी पढ़ाई

Nirmal kant
29 April 2020 2:30 AM GMT
सितंबर में नया सत्र शुरू होते ही कॉलेजों में हफ्ते में 5 के बजाय 6 दिन होगी पढ़ाई
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यूजीसी द्वारा नियुक्त कमेटी ने अपनी सिफारिश में कहा कि देशभर के सभी कॉलेजों में सप्ताह में 6 दिन पढ़ाई होनी चाहिए। साथ ही परिस्थिति को देखते हुए देश में उच्च शिक्षा के लिए नया सत्र जुलाई के बदले सितंबर से होना चाहिए...

जनज्वार। देशभर के विश्वविद्यालयों का नया शैक्षणिक सत्र इस बार सितंबर में शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही कॉलेजों में अब एक सप्ताह में पांच की जगह छह दिन पढ़ाई होगी। यानी लॉकडाउन अवधि की भरपाई के लिए कॉलेजों में शनिवार को भी नियमित रूप से कक्षाएं लगाई जाएंगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों में नया सत्र कब और कैसे शुरू किया जाए, इसके लिए एक विशेष कमेटी गठित की थी। यूजीसी द्वारा गठित इस सात सदस्यीय समिति ने परीक्षा से जुड़े मुद्दों और अकादमिक कैलेंडर को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश की है।

यूजीसी द्वारा नियुक्त कमेटी ने अपनी सिफारिश में कहा, 'देशभर के सभी कॉलेजों में सप्ताह में 6 दिन पढ़ाई होनी चाहिए। साथ ही परिस्थिति को देखते हुए देश में उच्च शिक्षा के लिए नया सत्र जुलाई के बदले सितंबर से होना चाहिए।'

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यूजीसी की इस कमेटी के अध्यक्ष हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति आर.सी. कुहाड़ हैं। सदस्यों में इंटर-यूनिवर्सिटी एक्सेलेरेटर सेंटर के निदेशक ए.सी. पांडेय, वनस्थली विद्यापीठ के कुलपति आदित्य शास्त्री और पंजाब विश्वविद्यालय के प्रमुख राज कुमार शामिल हैं।

ने अपनी एक अन्य सिफारिश में कहा, 'जहां प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए नया शैक्षणिक सत्र 1 सितंबर से शुरू किया जाए, वहीं सेकंड और थर्ड ईयर के छात्रों के लिए यह शैक्षणिक सत्र 1 अगस्त से शुरू किया जा सकता है।'

हालांकि नए सत्र में प्रवेश करने से पहले कॉलेज के मौजूदा छात्रों को परीक्षाओं में शामिल होना होगा। कमेटी ने कॉलेज के मौजूदा छात्रों की परीक्षाओं के लिए भी कार्यक्रम तैयार किया है।

मेटी ने अपनी सिफारिश में विश्वविद्यालयों में जुलाई माह के दौरान परीक्षाएं करवाने की सिफारिश की है। सामान्य तौर पर कॉलेजों में प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं मई से जून महीने के बीच आयोजित की जाती हैं, लेकिन लॉकडाउन को देखते हुए इन परीक्षाओं को आगे बढ़ा दिया गया है।

मेटी ने अपनी सिफारिशों में वायवा (मौखिकी) और कॉलेजों की आंतरिक परीक्षाओं का भी जिक्र किया है। इसके तहत 16 से 30 मई के बीच वायवा लिया जाएगा। खास बात यह है कि इंटरनल एसेसमेंट और वायवा दोनों ही ऑनलाइन तरीके से लिए जाएंगे।

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मेटी ने अपनी सिफारिशों में कॉलेजों की शनिवार की छुट्टी समाप्त करने की बात कही है। इसके माध्यम से लॉकडाउन के दौरान ठप्प रही पढ़ाई की क्षतिपूर्ति करने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल यह सिफारिश कमेटी ने यूजीसी को सौंप दी है। यूजीसी इन सिफारिशों पर अगले सप्ताह निर्णय लेगा।

पहले सोमवार 27 अप्रैल को यूजीसी ने एक बैठक बुलाई, जिसमें इस कमेटी के सदस्यों समेत यूजीसी के अन्य सभी सदस्य शामिल हुए। बैठक के बाद यूजीसी के सचिव प्रोफेसर रजनीश जैन ने कहा, "सोमवार शाम कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा के लिए एक मीटिंग बुलाई गई। इस मीटिंग में कॉलेजों की परीक्षाओं और शैक्षणिक सत्र शुरू किए जाने को लेकर चर्चा की गई। यूजीसी के कई सदस्यों ने कमेटी की रिपोर्ट पर अपने सुझाव पेश किए हैं।"

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