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पत्रकार के फर्जी हस्ताक्षर कर किये करोड़ों के वारे न्यारे

Janjwar Team
28 Nov 2017 4:13 PM GMT
पत्रकार के फर्जी हस्ताक्षर कर किये करोड़ों के वारे न्यारे
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गौला नदी में वन विकास निगम के साथ धर्मकांटा करार में फर्जी हस्ताक्षर किये जाने का मामला सामने आया है। फर्जी हस्ताक्षर से करोड़ों के वारे न्यारे किए गए हैं...

हल्द्वानी से राजेश सरकार

ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने की चाह ने आदमी को हैवान बना कर रख दिया है। हालात ये है कि मुनाफा अर्जित करने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है गौला नदी में वन विकास निगम के साथ धर्मकांटा करार में फर्जी हस्ताक्षर किये जाने का। इन दिनों यह मामला मीडिया की सुर्खियों में है।

गौला नदी में उपखनिज ढोने वाले वाहनों के माप तौल के लिए वन विकास निगम के साथ 'हल्द्वानी लालकुंआ धर्मकांटा ऑनर्स वेलफेयर सोसायटी' के बीच एक करार हुआ, जिसमें फर्जी गवाह के रूप में एक महिला पत्रकार का नाम और पता दर्शाया गया है।

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अब उक्त महिला पत्रकार ने धोखाधड़ी करने वाली फर्म के खिलाफ नोटिस जारी कर मुकदमा करने की बात कही है।

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घटनाक्रम के मुताबिक पत्रकार संजय रावत द्वारा वन विकास निगम से कुछ दस्तावेज बतौर सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगे थे। प्राप्त सूचना के दस्तावेजों में वर्ष 2004-05 में हल्द्वानी लालकुआ धर्मकांटा आनर्स वेलफेयर सोसाइटी तथा उत्तरांचल वन विकास निगम के बीच गौला नदी के खनन निकासी गेटों पर लगे तोल कांटों को लेकर जो एक सौ बीस रुपये के स्टाम्प पेपर पर करार हुआ था, उसमें हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र में रहने वाली महिला पत्रकार दया जोशी के हस्ताक्षर गवाह के रूप में दर्शाए गए हैं।

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जब इसकी जानकारी महिला पत्रकार दया जोशी को मिली तो वह हतप्रभ रह गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सबसे पहले पत्रकार दया जोशी ने इसकी शिकायत वन विकास निगम के महाप्रबन्धक व डीआईजी कुमाऊं पूरन सिंह रावत से लिखित रूप में की।

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शिकायत किये जाने के 14 दिन बीत जाने के बाद जब कोई कार्यवाई नहीं हुई तो पत्रकार दया जोशी ने सोमवार 27 नवंबर को पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि अब उन्होंने न्यायालय की शरण में जाने का मन बनाया है।

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