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उत्तर प्रदेश

कोरोना वॉरियर पर जब बरसाए जा रहे थे फूल उस समय फतेहपुर नगर पालिका ने समाप्त कर दी 97 संविदा कर्मियों की सेवा

Manish Kumar
4 May 2020 5:54 AM GMT
कोरोना वॉरियर पर जब बरसाए जा रहे थे फूल उस समय फतेहपुर नगर पालिका ने समाप्त कर दी 97 संविदा कर्मियों की सेवा
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सरकार जिस समय कोरोना वारियर्स के सम्मान में करोणों रुपये खर्च कर हेलीकॉप्टरों से फूल बरस्वा रही थी उसी समय फतेहपुर के सफाई संविदा कर्मियों को नौकरी से हटा दिया गया...

मनीष दुबे की रिपोर्ट

जनज्वारः उत्तर प्रदेश के फतेहपुर नगर पालिका ने राज्य वित्त बजट के संकट के चलते नगर पालिका परिषद बिंदकी ने 97 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी। इस फैसले के बाद जहां कर्मचारियों के सामने रोजी रोटी की समस्या खड़ी हो गई वहीं नगर की साफ सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ता दिखाई देने लगा है।

करीब दो साल पहले नगर पालिका में आउटसोर्सिंग पर कर्मीयों को रखा गया था। आउटसोर्सिंग कर्मियों को पालिका ने सफाई, नलकूप चलाये जाने के साथ अन्य काम में लगाया था। बिंदकी नगर में लगभग 26 हजार की आबादी में 25 वार्ड है।

जिन 97 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई इनमें 63 सफाई कर्मी, 24 नलकूप ऑपरेटर, 5 रेवेन्यू कर्मचारी तथा पांच अन्य कर्मचारी शामिल है।

बिंदकी नगर की सफाई को लेकर पहले ही संसाधनों की कमी थी। पालिका के पास अब 20 संविदा सफाई कर्मी के साथ लगभग 40 रेगुलर सफाई कर्मी ही बचे है। जिन पर 25 वार्डो की सफाई की जिम्मेदारी है।

बजट न आने के कारण वेतना देना मुश्किल

शासन से मिलने वाले राज्य वित्त के बजट से आउटसोर्सिंग कर्मीयों के वेतन का भुगतान किया जाता है। लेकिन राज्य वित्त बजट मे कटौती होने से कर्मियों का वेतन दिया जाना संभव नहीं।

पालिका बाजारों से तहबाजारी भी वसूल करती है, जो फिलहाल लाकडाउन से बंद है। इस बावत चेयरमैन मुन्ना लाल सोनकर ने बताया कि राज्य वित्त से जो बजट आता था उसी से इन कर्मियों को वेतन दिया जाता था लेकिन बजट ना आने के कारण इन लोगों को वेतन देना मुश्किल पड़ रहा इसलिए आउटसोर्सिंग के 97 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

ऐसे समय में जब कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु सफाई इत्यादि के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं की आवश्यकता थी तब इन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त किया जाना बड़ी चिंता का विषय बन सकता है.

अजीब विडंबना है देश की सरकार हेलीकॉप्टरों से फूलों की बारिश करवाकर धन खर्च रही है लेकिन गरीब मजदूरों को देने के किये उनकी दो जून के चूल्हे जलवा पाने में सब तरफ लाचारी और मायूसी नजर आ रही है।

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