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दलित युवा हत्या मामले में छह को फांसी

Janjwar Team
12 Dec 2017 6:27 PM GMT
दलित युवा हत्या मामले में छह को फांसी
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अॅानर किलिंग के एक मामले की सुनवाई करते हुए त्रिपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट ने छह दोषियों को मौत की सजा सुनाई है, हॉनर किलिंग मामले में अब तक की सबसे कड़ी सजा

जनज्वार। तमिलनाडु में निर्ममता से मौत के घाट उतारे गए दलित युवा शंकर मामले की आज सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अलामेलु नटराजन ने छह लोगों को हत्या के लिए दोषी ठहराते हुए उनके लिए मौत की सजा मुकर्रर की।

सजायाफ्ता लोगों में मृतक शंकर के ससुर भी शामिल हैं, जिन्हें कोर्ट ने अपने दामाद को साजिशन मौत का घाट उतारने का दोषी पाया। हालांकि पहले इस मामले में दलित युवा की सास भी नामजद थी, जिन्हें बरी कर दिया गया है। इस मामले में 11 लोग आरोपित थे।

6 को मौत की सजा सुनाई है, तो एक को उम्रकैद और एक अन्य को पांच साल की सजा सुनाई गई है। 3 लोगों को हत्यारोप में निर्दोष करार देते हुए रिहा कर दिया गया।

घटनाक्रम के मुताबिक शंकर ने कौशल्या से वर्ष 2015 में प्रेम विवाह किया था। शंकर दलित जाति से ताल्लुक रखता था, इसलिए समाज में अपनी नाक बचाने के लिए कौशल्या के पिता ने पिछले साल 13 मार्च, 2016 को अपनी बेटी और दामाद पर उस समय हमला करवाया जब वो उदुमालपेट के बस स्टैंड पर खड़े थे। जब इस दंपती पर हमला किया गया, तब बस स्टैंड पर भारी भीड़ मौजूद थी, मगर हमलावरों ने इसकी कोई परवाह नहीं की। बल्कि वो कह रहे थे कि जो भी अंतरधार्मिक और दलितों से विवाह करेगा, उनका अंजाम यही होगा।

अपने बयान में कौशल्या के पिता ने स्वीकारा भी कि उन्होंने बेटी—दामाद पर जानलेवा हमला इसलिए किया था क्योंकि शंकर दलित था और उसके अंतरधार्मिक विवाह का उनकी जाति के लोग खासा विरोध कर रहे। इस हमले में शंकर को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई, जबकि कौशल्या गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद बच गई। हत्यारोपियों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बना वो वीडियो, जिसे किसी ने हमले के वक्त शूट कर लिया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था और आज हत्यारोपियों को मौत की सजा सुनाए जाने में एक अहम गवाह के बतौर मौजूद है।

शंकर हत्याकांड में पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ 1,5000 पेज की एक चार्टशीट दाखिल की थी। पुलिस ने कौशल्या के पिता चिन्नास्वामी, मां अन्नालक्ष्मी और उसके मामा पांडिडुरई का नाम हत्यारोपियों में शामिल किया था।

पुलिस ने जब शुरुआती छानबीन की तो उसके बाद 11 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में कौशल्या के माता-पिता भी शामिल थे, जिनके खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी साल नवंबर महीने में इस आॅनर किलिंग मामले में सुनवाई पूरी हो गई थी, जिसके बाद आज 12 दिसंबर को सजा सुनायी गयी है।

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