सिक्योरिटी

ऑफ द रिकॉर्ड : हल्द्वानी में मेयर पद के लिए मशक्कत

Janjwar Team
5 April 2018 9:19 PM GMT
ऑफ द रिकॉर्ड : हल्द्वानी में मेयर पद के लिए मशक्कत
x

तू लड़ मेयर का चुनाव, तेरी रिश्तेदारी भौत है। और अब तक छवि भी साफ है। बन्दे ने जुबान खोली और बोला जब टिकट मांगा तब तो दिया नहीं, उल्टा बेइज्जत करते रहे...

हल्द्वानी, जनज्वार। मेयर बनने के लिए मशक्कत क्यों न हो भाई! प्रतिष्ठा का सवाल जो हुआ! पर मुश्किल ये ठैरी कि जाने कौन कब कैसी चाल चल जाए। उत्तराखण्ड में तो राजधानी और आर्थिक राजधानी दोनो ही हाॅट सीट हुई बल, तो मशक्कत करनी ही हुई।

राजधानी में तो भौती चोले हुए, पर आर्थिक राजधानी हल्द्वानी में अंतर्कलेश ही काफी ठैरा। अपनी प्रतिष्ठा के लिए दीदी ने किसी को भी बलि का बकरा बना देना ठैरा। पार्टी हित और पात्र कंडीडेट जाए भाड़ में बल, अपना अपना और अपना ही देखना ठैरा।

इसी मशक्कत में पार्टी के पुराने सेवकों में से एक को बुलाया दरबार, और इधर-उधर की बातें शुरू हुई बल, बन्दा भी बोला सीधे बताओ कि काम क्या है। दीदी ने बोला तू लड़ मेयर का चुनाव, तेरी रिश्तेदारी भौत है। और अब तक छवि भी साफ है। बन्दे ने जुबान खोली और बोला जब टिकट मांगा तब तो दिया नहीं उल्टा बेइज्जत करते रहे। अब कह रही हो चुनाव लड़ो, मैं तो कहता हूं जो लोग टिकट की बाट जोह रहे हैं, उन्हीं में से किसी को दे दो। पर दीदी कहा मानने वाली ठैरी वही अपना-अपना और अपना बल।

बन्दे ने ऐसे ही पूछ लिया बल खर्चा-वर्चा कितना होता है इसमें। बताया गया कि 4-5 करोड़ लग ही जाएंगे। बन्दा बिदका और बोला मेरे पास तो नहीं हैं इतने, मैं कही और इन्वेंस्ट कर चुका। समझाया गया फिर कि कुछ तू कर कुछ हम करेंगे। बन्दा फिर बोला कि कुछ कितना। जबाव आया तू लड़ तो सही, सब हो जाएगा। फिर बन्दा माना ही नहीं बल। और टिकट बंटवारे के टैम कही बाहर का टूर बना लिया।

Janjwar Team

Janjwar Team

    Next Story

    विविध