Top
समाज

पूरे देश को गाय-गोबर-बजरंगबली में उलझाकर चुपचाप निरूपा का किया अंतिम संस्कार

Janjwar Team
21 Dec 2018 3:24 PM GMT
पूरे देश को गाय-गोबर-बजरंगबली में उलझाकर चुपचाप निरूपा का किया अंतिम संस्कार
x

जो पुलिस अपने निरीक्षक की हत्या के आरोपियों को 22 दिन बाद भी पकड़ नहीं पाई, वह इस दलित बच्ची की नृशंस हत्या के आरोपियों को पकड़ पाएगी इसमें संशय ही है...

पंकज चतुर्वेदी, वरिष्ठ पत्रकार

सारे देश को गोबर, गाय, बजरंगबली जैसे गैरजरूरी मसलों में उलझा कर आखिरकार निरूपा का (बदला हुआ नाम) अंतिम संस्कार कर दिया गया। 15 साल की दसवीं क्लास की बच्ची के शरीर में चिता पर जलाने को वैसे कुछ बचा नहीं था। आगरा दिल्ली से दूर नहीं है, लेकिन निर्भया की लाश का इस्तेमाल कर सत्ता परिवर्तन करने वालों तक निरूपा की चीख पहुंची नहीं।

आगरा के नौमील मुहल्ले की बच्ची मंगलवार 18 दिसंबर को दोपहर के 1:30 बजे स्कूल से घर लौट रही थी। जगनेर रोड पर जा रही थी साइकिल से। जब वो अपने गांव से कुछ 500 मीटर की दूरी पर थी, तब उसे दो लड़कों ने रोक लिया। बाइक पर सवार लड़कों ने उसे धर दबोचा और उस पर पेट्रोल डाल दिया। फिर उस पर आग लगा दी।

लड़कों ने पहचान छुपाने के लिए हेलमेट पहन रखा था। हमला भी पीछे से किया था। कुछ नहीं पता कि वो कौन थे या किस वजह से लड़की पर हमला किया। निरूपा के पापा हरेंद्र सिंह जूते के कारखाने में काम करते हैं। कहते हैं, ‘जलाने के बाद मेरी बेटी को हाईवे के किनारे खाई में फेंक दिया गया। हमें नहीं मालूम उसे मारने की कोशिश किसने की होगी। हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है।' वो अभी सदमे में है और बोलने की हालत में नहीं हैं।

खाई में बहुत देर पड़े रहने के बाद एक व्यक्ति ने उसे बचाया और पुलिस को ख़बर कर दी। पुलिस की मदद से उसे एस. एन. मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां पता चला कि उसके शरीर का 70% भाग जल गया है। उसे दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में रेफ़र किया गया है, जहां आज उस बच्ची की मौत हो गयी।

अभी तक अपराधी पकड़े नहीं गए। हालांकि जो पुलिस अपने निरीक्षक की हत्या के आरोपियों को 22 दिन बाद भी पकड़ नहीं पाई, वह इस दलित बच्ची की नृशंस हत्या के आरोपियों को क्या पकड़ पाएगी?

आगरा के एसएसपी अमित पाठक कहते हैं कि पुलिस की कई टीमें तैयार की गईं हैं जो इस मामले की जांच करेंगी। एक और अफ़सर ने कहा कि निरूपा के क्लास के दो बच्चों से बात हुई है। पुलिस अभी पूछताछ के लिए कई जगहों पर रेड करेगी। एडीजीपी अजय आनंद के मुताबिक, बहुत ही दुखद घटना है, जिन्होंने भी ऐसा किया उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। डीजीपी साहब ने भी अपनी संवेदना जताई है और हमें गुनहगारों को जल्दी पकड़ने का आदेश दिया है।

ठीक ऐसी ही एक घटना उत्तरांचल में भी हुई है। यहां तो बच्ची को आग लगा कर अपराधी ने लड़की की मां को फोन कर यह भी कह दिया कि मैंने तुम्हारी लड़की को आग लगा दी बचाना है तो बचा लो।

जनसत्ता में प्रकाशित खबर के मुताबिक यह हादसा ठीक 16 दिसंबर यानी निर्भया कांड की छठी बरसी पर हुआ। इस बार शिकार बनी उत्तराखंड की बेटी, जिसे एक युवक ने जबरदस्ती का विरोध करने पर आग के हवाले कर दिया। इस हादसे में 70 फीसदी तक जल चुकी छात्रा का इलाज दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में चल रहा है।

पीड़िता की मां कहती हैं, वो अपनी बेटी का इंतजार कर रही थी जो कि कॉलेज में प्रेक्टिकल देने के लिए गई थी। इतने में एक फोन आया और फोन करने वाले ने कहा कि मैंने आपकी बेटी को आग लगा दी है, बचा सकती हो तो बचा लो। ये पहली बार नहीं है जब आरोपी शख्स ने उसकी बेटी को परेशान किया है। इससे पहले भी करीब ढाई साल पहले बेटी को परेशान किया था, लेकिन तब बात खत्म हो गई थी। वो लड़का मेरी बेटी से उम्र में काफी बड़ा है और शादीशुदा भी है। उसने मेरी दुनिया उजाड़ दी। गौरतलब है कि पीड़िता के पिता की कैंसर के चलते पहले ही मौत हो चुकी है।

यह मामला पौड़ी जिले के कफोलस्यूं पट्टी के एक गांव का है, जहां 18 वर्षीय लड़की बीएससी के प्रैक्टिकल का पेपर देकर स्कूटी से घर लौट रही थी। रास्ते में गहड़ गांव के मनोज सिंह उर्फ बंटी ने उसका पीछा किया। कुछ देर बाद एक सुनसान जगह पर कच्चे रास्ते पर उसने लड़की को रोक लिया और उससे जबरदस्ती करने लगा, जिसका लड़की ने विरोध किया।

छात्रा के विरोध से तिलमिलाए बंटी ने उस पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी और वहां से भाग गया। कुछ देर बाद जब वहां से गुजर रहे एक गांव वाले ने जली हुई छात्रा को देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने 108 एंबुलेंस की मदद से छात्रा को जिला चिकित्सालय पौड़ी पहुंचाया। गंभीर हालत देखते हुए वहां के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा को मेडिकल कॉलेज श्रीनगर रेफर किया गया।

स्थिति हाथ से निकलती देख यहां के डॉक्टरों ने बुरी तरह झुलसी छात्रा दिल्ली को सफदरगंज अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। 70 फीसदी जल चुकी इस लड़की के बचने की उम्मीद बहुत कम है। डॉक्टरों के मुताबिक वह सांस भी मुश्किल से ले पा रही है।

Next Story
Share it