
जनज्वार, बनारस। बीएचयू में 21 सितंबर को हुए छेड़खानी मामले में उभरे छात्र आंदोलन को लेकर वाराणसी के कमिश्नर रमेश नितिन गोकर्ण ने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। कमीश्नर ने रिपोर्ट में सीधे तौर पर यूनिवर्सिटी प्रशासन को दोषी बताया है।
छेड़खानी के खिलाफ राष्ट्रीय बन चुके बीएचयू आंदोलन के मामल में कमीश्नर द्वारा यूपी के मुख्य सचिव को सौंपी रिपोर्ट में बताया गया है कि यूनिवर्सिटी ने पीड़ित छात्रा की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और न ही मामले की संवेदनशीलता को समझा।
इतना ही नहीं रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसके बाद भी लापरवाही बरती और समय रहते आंदोलन को फैलने से रोकने के लिए कोई सही कदम नहीं उठाया।
मुख्य सचिव को सौंपने के लिए तैयार रिपोर्ट में वाराणसी कमीश्नर नितिन गोकर्ण ने कहा है कि कानून व्यवस्था के प्रति भी विश्वविद्यालय प्रशासन लापरवाह बना रहा और छात्रों से बात करने की बजाए उन्हें हाशिए पर रखा, छात्रों की बातचीत की कोशिशों को अनसुनी और दरकिनार करते रहा।
गौरतलब है कि 23 सितंबर की रात विश्चविद्यालय परिसर में पथराव, लाठीचार्ज, बमबाजी, आगजनी और फायरिंग के बाद 24 को राज्य सरकार ने जिला प्रशासन से जांच कर जवाब दाखिल करने को कहा था। 24 को मीडियाकर्मियों की भी पिटाई हुई थी।
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