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फर्जी खबर दिखाने के मामले में 8 सितम्बर को जी न्यूज मांगेगा माफी

Janjwar Team
2 Sep 2017 9:46 PM GMT
फर्जी खबर दिखाने के मामले में 8 सितम्बर को जी न्यूज मांगेगा माफी
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गौहर रजा ने शासन—प्रशासन पर सवाल उठाते हुए एक नज्म पढ़ी थी, जिसे जी न्यूज ने 'अफ़जल प्रेमी गैंग का मुशायरा' कहकर खूब प्रसारित किया था। इतना ही नहीं जी न्यूज ने सत्ता के प्रवक्ता की सी भूमिका निभाते हुए रजा तो देशद्रोही तक करार दे दिया था...

वैज्ञानिक और शायर गौहर रजा को अफजल प्रेमी कहने की कीमत कुछ यूं चुकानी पड़ेगी, जी न्यूज ने सोचा भी नहीं होगा। उन्हें अपमानजनक शब्द कहने की एवज में सेल्फ रेगुलेटरी शिकायत निवारण संस्था न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्डस अथॉरिटी (एनबीएसए) ने जी न्यूज को एक लाख रुपये का जुर्माना और माफी मांगने का आदेश पारित किया है।

गौरतलब है कि हिन्दी समाचार चैनल जी न्यूज ने मार्च 2016 में प्रसारित अपनी एक रिपोर्ट में शायर और वैज्ञानिक गौहर रजा को भद्दे और अपमानजनक शब्दों से नवाजते हुए उन्हें संसद हमले में आरोपी अफजल का प्रेमी कहा था।

शंकर-शाद मुशायरा साझा संस्कृति की विरासत की याद दिलाता इंडो-पाक मुशायरा है, इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। 5 मार्च, 2016 को दिल्ली में आयोजित हुए 51वें शंकर-शाद मुशायरे में भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के नामचीन शायरों ने हिस्सा लिया था। इस मुशायरे में गौहर रजा ने शासन—प्रशासन पर सवाल उठाते हुए एक नज्म पढ़ी थी, जिसे जी न्यूज ने 'अफ़जल प्रेमी गैंग का मुशायरा' कहकर खूब प्रसारित किया था। इतना ही नहीं जी न्यूज ने सत्ता के प्रवक्ता की सी भूमिका निभाते हुए रजा तो देशद्रोही तक करार दे दिया था।

ज़ी न्यूज़ ने फरवरी 2016 में विवादास्पद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के विरोध में बनाई अपनी एक रिपोर्ट की फुटेज से जोड़ते हुए गौहर रजा की इस कार्यक्रम में पढ़ी गई नज्म को खूब प्रसारित किया था।

एनबीएसए ने जी न्यूज को आदेश दिया है कि आठ सितंबर को रात 9 बजे उसे हिंदी में बड़े फॉन्ट में फुल स्क्रीन पर गौहर रजा से सार्वजनिक माफ़ी मांगनी होगी। इतना ही नहीं, एनबीएसए ने यह भी आदेश दिया है कि यह प्रसारण साफ आवाज़ और धीमी स्पीड से प्रसारित किया जाए। साथ ही सात दिन के अंदर एक लाख रुपये जुर्माना भरने का भी आदेश पारित किया है।

एनबीएसए ने अपने आदेश में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बड़े न्यूज चैनल आम नागरिकों के बोलने के अधिकार को रौंद नहीं सकते।

वहीं इस मामले में जी न्यूज़ के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी का कहना है कि चैनल ने एनबीएसए के किसी भी दिशा—निर्देश का उल्लंघन नहीं किया है। सुधीर चौधरी ने कहा है कि वे एनबीएसए की चुनौती का बायकाट करते हुए उसे चुनौती देने समेत अन्य कानूनी कार्रवाइयां पर विचार कर रहे हैं।

आइये पढ़ते हैं गौहर रजा की वो नज्म, जिसे सुनकर जी न्यूज ने उन्हें अफजल प्रेमी करार दे दिया था —

धर्म में लिपटी वतनपरस्ती क्या-क्या स्वांग रचाएगी
मसली कलियाँ, झुलसा गुलशन, ज़र्द ख़िज़ाँ दिखलायेगी

यूरोप जिस वहशत से अब भी सहमा-सहमा रहता है
खतरा है वह वहशत मेरे मुल्क में आग लगायेगी

जर्मन गैसकदों से अबतक खून की बदबू आती है
अंधी वतनपरस्ती हमको उस रस्ते ले जायेगी

अंधे कुएं में झूठ की नाव तेज़ चली थी मान लिया
लेकिन बाहर रौशन दुनिया तुम से सच बुलवायेगी

नफ़रत में जो पले बढ़े हैं, नफ़रत में जो खेले हैं
नफ़रत देखो आगे-आगे उनसे क्या करवायेगी

फ़नकारो से पूछ रहे हो क्यों लौटाए हैं सम्मान
पूछो, कितने चुप बैठे हैं, शर्म उन्हें कब आयेगी

यह मत खाओ, वह मत पहनो, इश्क़ तो बिलकुल करना मत
देशद्रोह की छाप तुम्हारे ऊपर भी लग जायेगी

यह मत भूलो अगली नस्लें रौशन शोला होती हैं
आग कुरेदोगे, चिंगारी दामन तक तो आयेगी...

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