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UP Election 2022 : अखिलेश का चुनावी वादा, 2022 में सरकार बनने पर किसान आंदोलन के शहीदों को देंगे 25 लाख रुपए

Janjwar Desk
24 Nov 2021 12:36 PM GMT
UP Election 2022 : अखिलेश का चुनावी वादा, 2022 में सरकार बनने पर किसान आंदोलन के शहीदों को देंगे 25 लाख रुपए
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अखिलेश यादव ने किया 25 लाख किसान शहादत सम्मान राशि देने का एलान

UP Election 2022 : अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर हेंडले से ट्वीट कर इसकी जानकार दी है। अखिलेश यादव ने इस ट्वीट में लिखा है कि 'किसान का जीवन अनमोल होता है क्योंकि वो ‘अन्य’ के जीवन के लिए ‘अन्न’ उगाता है।

UP Election 2022 : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2022 में सरकार बनने पर 25 लाख रुपये किसान आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के सम्मान में उनके परिजनों को यूपी में 'किसान शहादत सम्मान राशि' देने का एलान किया है।

अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर हेंडले से ट्वीट कर इसकी जानकार दी है। अखिलेश यादव ने इस ट्वीट में लिखा है कि 'किसान का जीवन अनमोल होता है क्योंकि वो 'अन्य' के जीवन के लिए 'अन्न' उगाता है। हम वचन देते हैं कि 2022 में समाजवादी पार्टी की सरकार आते ही किसान आंदोलन के शहीदों को 25 लाख की 'किसान शहादत सम्मान राशि' दी जाएगी।

बता दें कि किसानों को लेकर अखिलेश यादव लगातार बीजेपी पर हमलावर हैं। इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि अमीरों की भाजपा ने भूमि अधिग्रहण व काले कानूनों से गरीबों-किसानों को ठगना चाहा। कील लगाई, बाल खींचते कार्टून बनाए, जीप चढ़ाई लेकिन सपा की पूर्वांचल की विजय यात्रा के जन समर्थन से डरकर काले-कानून वापस ले ही लिए। साथ ही अखिलेश यादव ने सवाल पूछते हुए कहा था कि भाजपा बताए सैकड़ों किसानों की मौत के दोषियों को सजा कब मिलेगी।

कैबिनेट ने कानूनों की वापसी पर लगाई मुहर

बता दें कि तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने कानूनों की वापसी पर मुहर लगा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते शुक्रवार 19 नवंबर यानी गुरुपर्व के दिन तीनो विवादस्पद कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद कानून वापसी के प्रस्ताव को संसद के शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों में पारित करवाया जाएगा। इसके बाद किसान आंदोलन की वजह बने तीनों कृषि कानून खत्म हो जाएंगे। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने कानूनों को वापस लेने की घोषणा के दौरान कहा था कि यह कानून किसानों के हित में हैं पर हम उन्हें समझाने में असफल रहे। हालांकि, इसके बाद भी किसानों ने अपनी अन्य मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।

किसान आंदोलन जारी

बता दें कि किसान आंदोलन को शुरू हुए एक वर्ष पूरा हो चुका है। इस दौरान लगभग सात सौ से अधिक किसानों की जाने गई है। अब कृषि कानून की वापसी के बाद किसानों की मांग है कि अब सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर भी मंजूरी दे और अब तक जितने भी किसानों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में मुकदमें दर्ज किए गए हैं। उन सही मुकदमों को सरकार वापस ले।

लखनऊ में हुए थी किसान महापंचायत

संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान आंदोलन का एक साल पूरा होने पर सभी मोर्चों पर भीड़ बढ़ाने की पहल शुरू कर दी है। सोमवार को लखनऊ में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था। किसान महापंचायत में भी एमएसपी को लेकर जोरों-शोरों से मांगे उठाई गई थी। बता दें कि लखनऊ की महापंचायत में ताकत दिखाने के बाद किसानों ने कुंडली बॉर्डर पर भीड़ जुटानी शुरू कर दी है। इसके लिए सोशल मीडिया पर लगातार अपील की जा रही है। तीन कृषि कानून रद्द होने की घोषणा से किसानों में एमएसपी समेत अन्य मांगों के पूरा होने की उम्मीद जगी है।

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