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उपचुनाव परिणाम से सहमी उत्तराखण्ड भाजपा, केदारनाथ के पंडों को खुश करने के लिए लेगी यू टर्न

Janjwar Desk
3 Nov 2021 5:51 AM GMT
उपचुनाव परिणाम से सहमी उत्तराखण्ड भाजपा, केदारनाथ के पंडों को खुश करने के लिए लेगी यू टर्न
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आदिगुरु शंकराचार्य का समाधि स्थल जो आपदा में हो गया था क्षतिग्रस्त, PM मोदी के केदारनाथ दौरे पर होना है उसका लोकार्पण

देवस्थानम एक्ट के कारण नाराज साधु-संतों-पुजारियों के विरोध को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी के पूरे दौरे को खास इवेंट के तौर पर डिज़ाइन किया गया है, बोर्ड को लेकर किसी बड़े फैसले की जतायी जा रही है उम्मीद...

सलीम मलिक की रिपोर्ट

देहरादून, जनज्वार ब्यूरो। धनतेरस 2 नवंबर के दिन देश के कई राज्यों के आये चुनावी नतीजों से सहमी भाजपा दीपावली के अगले दिन अपने चिर-परिचित हिंदुत्व कार्ड के सहारे यूपी-उत्तराखण्ड सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव का औपचारिक बिगुल फूंकने जा रही है।

पांच नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ दौरे को पार्टी और सरकार की ओर से न भूतो-न भविष्यति की तर्ज पर मेगा इवेंट का आयोजन कर कार्यकर्ताओं में जोश भर देश में बढ़ती महंगाई-बेरोजगारी-किसान आंदोलन जैसे मुददों को नेपथ्य में डालने का पूरा प्रयास किया जाएगा। एक बड़ी चर्चा राजनीतिक गलियारों में देवस्थानम बोर्ड के रोल बैक की भी है।

केदारनाथ के कपाट बंद होने से एक दिन पूर्व होने वाले इस विशेष आयोजन को भव्य व विराट रूप देने के साथ ही भाजपा ने हर वह कोशिश करनी शुरू कर दी है, जिसके बल पर इन राज्यों में अपनी सरकार बनाई जा सके। इसके लिए बड़ी तैयारियों के तहत सभी अखाड़ों के महामंडलेश्वरों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। पांच नवम्बर को जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ में जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण करेंगे, ठीक उसी समय भाजपा नेता देश भर के अलग-अलग 100 मंदिरों और पवित्र स्थानों पर दो घंटे के लिए दर्शन करेंगे, जहां लाइव LED स्क्रीनिंग के जरिए कार्यक्रम का प्रसारण होगा।

आदिगुरु शंकराचार्य का समाधि स्थल जो आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था, वहाँ अब जीर्णोद्धार के बाद प्रतिमा का निर्माण हुआ है। इस प्रतिमा के अनावरण सहित तमाम कई योजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। जिसके लिए देश भर के 12 ज्योतिर्लिंगों और 87 महत्वपूर्ण मंदिरों से साधु-संतों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। आयोजन को भव्यता देने के लिए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी बुलावा दिया गया है।

राज्य में अगले ही वर्ष विधानसभा चुनाव व चारधाम के प्रबंधन के लिए गठित किए गए देवस्थानम एक्ट के कारण नाराज साधु-संतो-पुजारियों के विरोध को देखते हुए प्रधानमंत्री के पूरे दौरे को खास इवेंट के तौर पर डिज़ाइन किया गया है, जिसमें केदारनाथ मंदिर में मोदी द्वारा भगवान शिव की पूजा-अर्चना और उनके संबोधन को खास तवज्जो दी गयी है।

प्रधानमंत्री सरस्वती आस्थापथ से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर मन्दाकिनी आस्थापथ, तीर्थ पुरोहित गृह और गरुड़ चट्टी पुल जैसी परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। कई नए प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखी जाएगी। मैसूर में तैयार हुई जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की प्रतिमा केदारनाथ धाम पहुँच भी चुकी है, जहां उसके अनावरण के साथ ही आने वाले विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो जाएगा।

तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी के विरोध के एलान के बीच पीएम मोदी केदारनाथ धाम में साढ़े तीन घंटे रहने वाले हैं। पूर्व सीएम के केदारधाम में अप्रत्याशित विरोध के बाद अमित शाह की सीएम धामी और प्रदेशाध्यक्ष कौशिक के साथ आपातकालीन बैठक देवस्थानम बोर्ड को लेकर बड़ी घोषणा की ओर इशारा कर रही है।

कल तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केदारनाथ धाम की यात्रा को पार्टी के लिए बेहतर मानकर चल रही भाजपा की पेशानी पर अब बल पड़ गए हैं। तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी पंचायत समिति का आरोप है कि देवस्थानम बोर्ड को लेकर सरकार तीर्थ पुरोहित समाज का अपमान कर रही है। जिसके विरोध में पीएम के दौरे का भी विरोध किया जाएगा।

भाजपा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सहित अपने कई नेताओं को मोदी के आने से पहले ही तैयारियों के जायजा के नाम पर आंदोलन की गहराई व विरोध की तपिश नापने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा गरम है कि भाजपा आलाकमान ने पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र का केदार धाम में हुए विरोध को गंभीरता से लिया है, यही वजह है कि सीएम और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष को अमित शाह ने दिल्ली बुलाकर हालातों की जानकारी ली है।

इस बात की प्रबल संभावनायें बन रही हैं कि देवस्थानम बोर्ड को लेकर केंद्र के निर्देशों के बाद कोई बड़ा निर्णय, जो कि देवस्थानम बोर्ड को भंग करने का भी हो सकता है, लिया जा सकता है।

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