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TRP घोटाले में अर्णब के चैनल रिपब्लिक का नाम आने के बाद BARC तीन महीने तक जारी नहीं करेगा वीकली रेटिंग डाटा

Janjwar Desk
15 Oct 2020 8:23 AM GMT
TRP घोटाले में अर्णब के चैनल रिपब्लिक का नाम आने के बाद BARC तीन महीने तक जारी नहीं करेगा वीकली रेटिंग डाटा
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टीआरपी घोटाले के बाद से ही टीवी चैनल्स की रेटिंग तय करने वाली संस्था BARC की भूमिका पर सवाल उठना शुरू हो गए, साथ ही संस्था कि कार्यप्रणाली और उसकी पारदार्शिता पर भी सवाल खड़े किए गए थे।

जनज्वार। टीआरपी विवाद और ब्रॉडकॉस्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के आंकड़ों की फिक्सिंग को लेकर लगे आरोपों के बाद अब टीआरपी रेटिंग एजेंसी BARC ने अगले तीन महीने तक समाचार चैनलों के लिए साप्ताहिक रेटिंग रोकने का फैसला किया है। BARC ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि BARC अपने सिस्टम की जांच कर रहा है। जिसके कारण एजेंसी सभा न्यूज चैनलों की साप्ताहिक रेटिंग पब्लिशिंग रोक रही है। इस प्रक्रिया में 8 से 12 हफ्ते लग ससकते हैं। सिस्टम की टेस्टिंक को BARC की सहायक टेक कॉम देख रही है। हालंकि इस दौरान न्यूज़ चैनलों के अलावा सारे एंटरटेनमेंट चैनल्स और रीज्नल चैनलों के लिए रेटिंग पहले की तरह ही जारी रखेंगे।

रेटिंग एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि उसने यह कदम 'बड़ी कैटेगरीज़ के डेटा की रिपोर्टिंग और रेटिंग मापने के अपने मौजूदा सिस्टम की समीक्षा करने का फैसला किया है, ताकि उसके सांख्यिकी को और मजबूत किया जा सके और इससे छेड़छाड़ करने की संभावित कोशिशों पर रोक लगाई जा सके।

बता दें कि फर्जी रेटिंग मामले में रिपब्लिक टीवी सहित तीन चैनलों की रेटिंग से छेड़छाड़ करने और ऐड रेवेन्यू कमाने के लिए फर्जी नैरेटिव तैयार करने के आरोपों में जांच हो रही है। टीआरपी फर्जी रेटिंग मामले में रिपब्लिक टीवी के अलावा एक फ़क्त मराठी और एक बॉक्स सिनेमा का नाम सामने आया था। जिनमें से दो टीवी चैनलों के मालिकों को गिरफ्तार किया गया है और रिपब्लिक के डायरेक्टर और प्रमोटरों के खिलाफ जांच हो रही हैय़

घोटाले में सबसे बड़ा नाम रिपब्लिक टीवी का है। इस दौरान चैनल के खिलाफ ऐसे कुछ दर्शकों के बयान भी आए थे। जिन्होंने उन्हें टीवी न देखते वक्त भी चैनल ऑन रखने को कहा जता था और इसके लिए उनको पैसे भी दिए जाते थे। बार्क ब्रॉडकॉस्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया नाम की एक संयुक्त उद्योग उपक्रम है जिसे प्रसारणकर्ता विज्ञापनदाता और विज्ञापन और मीडिया एजेंसी का प्रतिनिधित्व करने वाले स्टॉकहोल्डर निधिबद्ध करते हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा टेलीविजन मेजरमेंट एंजेसी है। BARC इंडिया साल 2010 में शुरू हुआ था और इसका मुख्यालय मुंबई में ही है।

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