बिहार चुनाव 2020

तेजस्वी का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, बोले जनता का मैंडेट उनके साथ, आयोग के नतीजे एनडीए के साथ

Janjwar Desk
12 Nov 2020 10:00 AM GMT
तेजस्वी का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, बोले जनता का मैंडेट उनके साथ, आयोग के नतीजे एनडीए के साथ
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उन्होंने कई डेटा पेश करते हुए खासकर पोस्टल बैलेट रदद् करने को लेकर आयोग के विरुद्ध कई आरोप जड़ दिए, चुनावी नतीजों के बाद तेजस्वी यादव पहली बार मीडिया के सामने आए थे....

जनज्वार ब्यूरो, पटना। राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता का मैंडेट उनके साथ है और आयोग का नतीजा एनडीए के साथ।

उन्होंने कई डेटा पेश करते हुए खासकर पोस्टल बैलेट रदद् करने को लेकर आयोग के विरुद्ध कई आरोप जड़ दिए। चुनावी नतीजों के बाद तेजस्वी यादव पहली बार मीडिया के सामने आए थे। उन्होंने राजद के पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बातें कहीं।

तेजस्वी ने कहा कि कई विधानसभा क्षेत्रों में 500 से एक हजार तक सर्विस वोटों को रद्द कर दिया गया। जबकि सर्विस वोट नौकरीपेशा लोग डालते हैं, जो शिक्षित होते हैं और वोटिंग की प्रक्रिया से अवगत होते हैं। उन्होंने आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि एनडीए और महागठबंधन को सभी विधानसभा सीटों पर प्राप्त कुल वोटों में महज 0.1प्रतिशत यानि लगभग 12000 वोटों का अंतर है, जबकि इन 12 हजार वोटों से ही दोनों के बीच 15 सीटों का अंतर दिखाया गया है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि हम जल्द ही जनता के बीच जाएंगे और समर्थन के लिए जनता को धन्यवाद देंगे। उन्होंने इसके लिए राज्य भर में धन्यवाद यात्रा निकालने की घोषणा की। तेजस्वी ने कहा कि नई सरकार को हम जनवरी तक का समय देते हैं, वह अपने घोषणा पत्र में कहे गए 19 लाख लोगों को रोजगार देने, शिक्षकों, आशा-जीविका कर्मियों और अन्य संविदा कर्मियों को समान काम-समान वेतन लागू करे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो जनता के साथ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। हमारी पार्टी चुप बैठने या डरने वाली नहीं, बल्कि संघर्ष ही हमारी पार्टी की पहचान रही है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता ने उन्हें मैंडेट दिया है, इसके लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं। जनता ने एनडीए को बहुमत नहीं दिया है, बल्कि चुनाव आयोग ने उनके पक्ष में नतीजा दिया है। उन्होंने बीजेपी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि बैकडोर से सत्ता पाना बीजेपी की पुरानी आदत है और नीतीश कुमार कुर्सी के लोभी हैं।

साल 2015 में प्राप्त जनता के मैंडेट का अपहरण कर उन्होंने लोभ या फिर भय से बीजेपी के साथ जाकर बैकडोर से सरकार बना ली। उन्होंने कहा कि अगर उनमें थोड़ी सी भी नैतिकता बची होगी तो जनता के इस मैंडेट के बाद वे कुर्सी पर नहीं बैठेंगे।

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