अंधविश्वास

'समाज सुधार' के लिए टीवी देखने, गाना सुनने व कैरम खेलने पर भी लगा दिया प्रतिबंध, जुर्माने की राशि तय

Janjwar Desk
27 Aug 2020 7:45 AM GMT
समाज सुधार के लिए टीवी देखने, गाना सुनने व कैरम खेलने पर भी लगा दिया प्रतिबंध, जुर्माने की राशि तय
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फोटो का प्रयोग सिर्फ प्रतीकात्मक उद्देश्य के लिए. साभार : boston.com

पुलिस की ओर से कहा गया है कि मामले की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इस तरह का फरमान जारी करने में तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की भी भूमिका है और डर से लोग इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा रहे हैं...

जनज्वार। समाज सुधार के नाम पर बुराइयों पर रोक लगाने का फैसला तो ठीक है, लेकिन टेलीविजन देखने, गाना सुनने व कैरम खेलने जैसी चीजों पर अगर इसके लिए प्रतिबंध लगा दिया जाए तो आमलोगों की परेशानी बढ जाती है। आज के समय में टेलीविजन मनोरंजन के साथ सूचना का भी सबसे सहज माध्यम है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के कुछ गांवों में समाज सुधार के नाम पर ऐसा फतवा जारी किया गया है।

यह फतवा ऐसी परिस्थिति में जारी किया गया है जब भारी बारिश से उस इलाके का संपर्क शहर व दूसरे इलाकों से टूटा हुआ है और गांव वालों के लिए बाहर जाना बहुत आसान नहीं है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने इस मामले मेें कहा कि शिकायत मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, ये गांव बांसलाई नदी के किनारे स्थित हैं। बांसलोई नदी में इन दिनों भारी बारिश से जलस्तर काफी बढा हुआ है। अद्वैतनगर गांव के समाज संस्कार समिति नामक संगठन ने यह फतवा जारी किया है कि कोई लाॅटरी का टिकट या शराब बेचते पकड़ा गया तो उसे सात हजार जुर्माना देना होगा। यह बात तो ठीक है, लेकिन इस फतवे का दूसरा हिस्सा पूरी तरह अंधविश्वास का मामला है।

दूसरे हिस्से में यह कहा गया है कि सार्वजनिक जगहों पर कैरम खेलना, गाना सुनन व टीवी देखना, मोबाइल व कंप्यूटर पर गाना सुनना भी प्रतिबंधित रहेगा। जुर्माने की रकम 500 से 7000 रुपये रखी गई है। कैरम खेलने पर 500 का जुर्माना है, कंप्यूटर व मोबाइल पर गाना सुनने पर 1000 का जुर्माना लगाया गया है। दुकान में टीवी चलाने व मोबाइल पर गाना सुनने पर भी हजार रुपये का जुर्माना है। ऐसे करने वालों की सूचना देने वालों को भी 200 से एक हजार रुपये का पुरस्कार देने का एलान किया गया है।

रघुनाथपुर सबडिवीजन में पड़ने वाले अद्वैतनगर व उसके पड़ोस के ये दो गांव झारखंड की सीमा पर स्थित हैं। ऐसा फतवा जारी करने वाली समिति में सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता भी शामिल हैं।

फतवा जारी करने वाली समिति के अध्यक्ष तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता अजहरुल शेख हैं। हालांकि इसमें कांग्रेस के नेता, स्थानीय मौलवी व इमाम भी शामिल हैं। पुलिस की ओर से कहा गया है कि मामले की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इस तरह का फरमान जारी करने में तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की भी भूमिका है और डर से लोग इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा रहे हैं...

फतवे में कहा गया है कि शराब बेचने वाले को सात हजार जुर्माना भरना पड़ेगा और उसका सिर मुंड कर गांव में घुमाया जाएगा, जबकि शराब खरीदने वाले को कान पकड़ कर उठक बैठक कराया जाएगा। इस फतवे को लेकर तीनों गांव में पर्चे बांटे गए हैं और लाउडस्पीकर पर भी एलान किया गया है।

भाजपा ने इस फतवे के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेवार ठहराते हुए इसकी आलोचना की है। ऐसा फतवा जारी करने वालों की गिरफ्तारी की मांग भी पार्टी ने की है।

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