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Banks Unclaimed Money : बैंकों में जमा 48,262 करोड़ का कोई माय-बाप नहीं, इन 8 राज्यों के सबसे ज्यादा रकम, आरबीआई चलाएगी मुहिम

Janjwar Desk
27 July 2022 3:11 AM GMT
Banks Unclaimed Money : बैंकों में जमा 48,262 करोड़ का कोई माय-बाप नहीं, इन 8 राज्यों के सबसे ज्यादा रकम, आरबीआई चलाएगी मुहिम
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Banks Unclaimed Money : बैंकों में जमा 48,262 करोड़ का कोई माय-बाप नहीं, इन 8 राज्यों के सबसे ज्यादा रकम, आरबीआई चलाएगी मुहिम

Banks Unclaimed Money : रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक 2021-22 में बैंकों में बिना दावे वाली राशि बढ़कर 48,262 करोड़ रुपए हो गई है। 2020-21 में यह राशि 39,264 करोड़ रुपए थी।

Banks Unclaimed Money : देश में एक तरफ करोड़ों लोगों के पास भरपेट खाने के लिए पैसे नहीं तो दूसरी तरफ सरकारी और निजी बैंकों में 48 हजार करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जमा हैं और उसका माय-बाप कोई नहीं है। कहने का मतलब यह यह है कि बैंकों में अरबों रुपए का कोई दावेदार ही नहीं है। ऐसे खातेदारों के की तलाश के लिए आरबीआई ( RBI ) अभियान शुरू करने जा रही है।

दावेदारों की पहचान की मुहिम के तहत रिजर्व बैंक ( RBI ) उन आठ राज्यों में अपना ध्यान केंद्रित करेगी जहां सबसे ज्यादा रकम जमा है। रिजर्व बैंक ने बैंकों में बिना दावे वाली जमा राशि में लगातार इजाफे के बीच दावेदारों की तलाश के लिए ये अभियान छेड़ रही है। यह मुहिम उन आठ राज्यों पर केंद्रित है, जहां बैंक खातों में बिना दावे वाली जमा लगातार बढ़ रही है। इन राज्यों में तमिलनाडु, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल, कर्नाटक, बिहार और तेलंगाना/आंध्र प्रदेश का नाम शामिल है। आरबीआई ने इन आठ राज्यों की भाषाओं के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी में एक अभियान शुरू किया है।

रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में बैंकों में बिना दावे वाली राशि बढ़कर 48,262 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह राशि 39,264 करोड़ रुपये थी।

क्या होता है जब वर्षों तक पैसों का दावा करने वाला सामने नहीं आये

आरबीआई के मानदंडों के मुता​बिक बचत या चालू खातों में शेष राशि जो 10 वर्षों से संचालित नहीं होती या परिपक्वता की तारीख से 10 वर्षों के भीतर सावधि जमा का दावा नहीं किया जाता है, उन्हें बिना दावेदारी वाली रकम के रूप में रखा जाता है। बैंक इस रकम को रिजर्व बैंक (RBI) के 'जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष' में स्थानांतरित कर देते हैं। हालांकि, जमाकर्ता अभी भी लागू ब्याज के साथ बैंक से अपनी रकम वापस पाने के हकदार हैं।

लगातार हो रहा है बिना दावों वाले पैसों में इजाफा

Banks Unclaimed Money : ऐसे पैसों में इजाफा बैंकों और आरबीआई के अभियानों के बावजूद बिना दावे वाली जमा की राशि में लगातार इजाफा होता जा रहा है। दावा न की गई जमाराशि मुख्य रूप से बचत/चालू खातों को बंद न करने के कारण सामने आती है, जिसके खाते को जमाकर्ता आगे नहीं चलाना चाहते हैं या मैच्योरिटी के लिए बैंकों के समक्ष दावा प्रस्तुत नहीं करते। मृत जमाकर्ताओं के बैंक खातों के मामले भी हैं, जहां नामित/कानूनी उत्तराधिकारी पैसे वापस लेने के लिए आगे नहीं आते हैं।

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