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Gautam Adani : ममता बनर्जी भी मेहरबान, अडानी ग्रुप को दिया 25000 करोड़ का ठेका, यूजर का सवाल - दीदी ये क्या हो रहा है?

Janjwar Desk
22 Sep 2022 4:39 AM GMT
ममता भी अडानी पर मेहरबान, अडानी ग्रुप को दिया 25000 करोड़ का ठेका, यूजर का सवाल - दीदी ये क्या हो रहा है?
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ममता भी अडानी पर मेहरबान, अडानी ग्रुप को दिया 25000 करोड़ का ठेका, यूजर का सवाल - दीदी ये क्या हो रहा है?

West Bengal News : सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि बंगाल सरकार अडानी ( Gautam Adani ) को पोर्ट दे तो जनता को फायदा होता है और भाजपा सरकार अडानी को पोर्ट दे तो इसका मकसद अडानी को फायदा पहुंचाना होता है....

West Bengal News : पिछले कुछ समय से सीएम ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee ) ने न केवल पीएम मोदी का विरोध कम कर दिया है बल्कि प्रदेश में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए अडानी ग्रुप ( Adani Group ) के लिए अपने दरवाजे खेल दिए हैं। ममता की सरकार ने ताजपुर पोर्ट को विकसित करने के लिए अडानी ग्रुप को 25 हजार करोड़ रुपए का ठेका दिया है। ताज्जुब की बात ये है कि यह सब ममता बनर्जी उस समय कर रही हैं जब पूरा विपक्ष अडानी ग्रुप की संपत्ति बढ़ने पर मोदी सरकार पर तंज कसता है। दूसरी तरफ बंगाल में अडानी ग्रुप को इतना बड़ा ठेका मिलने के बाद ममता बनर्जी भी सोशल मीडिया यूजर के निशाने पर आ गई हैं।

अडानी ग्रुप को मिला तापपुर पोर्ट का ठेका




पश्चिम बंगाल सरकार की कैबिनेट ने ताजपुर में नया बंदरगाह विकसित करने के लिए अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन को आशय पत्र जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे अडानी समूह के बंगाल में 25,000 करोड़ रुपए के निवेश करने का रास्ता साफ हो गया है। बंगाल सरकार के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर लोग अडानी समूह को ठेका मिलने पर ममता सरकार पर तंज कस रहे हैं।

अब आप ही बताएं दीदी, इस फैसले से किसका होगा फायदा

ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee ) के रुख में आये इस बदलाव पर राजकुमार जोशी नाम के यूजर ने लिखा कि बंगाल सरकार अडानी को पोर्ट दे तो जनता को फायदा होता है और भाजपा सरकार अडानी को पोर्ट दे तो इसका मकसद अडानी को फायदा पहुंचाना होता है। @VISHNUV22969097 यूजर ने लिखा है कि पहले अशोक गहलोत अब दीदी भी देश बेचने में मोदी जी के साथ आ गई। @DineshT62064614यूजर ने लिखा कि राज्य सरकारें ठेका अडानी ग्रुप को दे रही हैं पर जनता में भ्रम फैलाया जा रहा है कि मोदी जी दो ही उद्योगपति को बढ़ावा दे रहे हैं। क्या यही है विपक्ष की विश्वनीयता?

क्या अब भारत बिक नहीं रहा

दरअसल, अभी तक विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार पर पूंजीपतियों के हाथों बिकने का आरोप लगाती रही हैं। यही वजह है कि बंगाल सरकार का यह फैसला सोशल मीडिया यूजर को पसंद नहीं आरहा है। @NemiSinghh नाम के यूजर ने लिखा कि खाली बैठे विरोधी नेता कह सकते हैं कि ममता जी और मोदी जी भी मिले हुए हैं और अडानी जो को फायदा पहुंचा रहे हैं। @akash1986thakur यूजर ने लिखा कि क्यों अब भारत बिक नहीं रहा है। ऐसे तो सभी चिल्लाते रहते हैं कि मोदी जी ने भारत को बेच दिया। यूजर ने लिखा कि ममता भी मोदी जी के साथ मिलकर अडानी को दुनिया का नंबर वन रईस बनाने पर तुल गई हैं।

ठेका हासिल करने के लिए अडानी ग्रुप की बोली सबसे ज्यादा

दरअसल, मार्च में ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee ) सरकार द्वारा आयोजित नीलामी में अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन सबसे अधिक बोली लगाने वाले के रूप में सामने आया था। खबरों के मुताबिक कुछ कानूनी समस्याओं के कारण सरकार परियोजना को आवंटित करने के बाद के कदमों पर आगे नहीं बढ़ सकी थी। पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हाकिम ने कहा कि इस परियोजना से 25,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होगी। इससे बंगाल में विकास के एक नए युग की शुरुआत होगी।

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