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मध्यप्रदेश : दक्षता परीक्षा में शिक्षकों ने किताब रखकर की नकल, फिर भी 40 प्रतिशत शिक्षक फेल

Janjwar Desk
25 Jan 2021 1:33 PM GMT
मध्यप्रदेश : दक्षता परीक्षा में शिक्षकों ने किताब रखकर की नकल, फिर भी 40 प्रतिशत शिक्षक फेल
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[ प्रतीकात्मक तस्वीर ]

जिन स्कूलों का रिजल्ट 40 प्रतिशत कम रहा था, उनके शिक्षकों की परीक्षा कराई गई थी। इस परीक्षा में शिक्षकों को पाठ्यपुस्तक रखकर नकल करने की छूट थी। इसके बाद भी 40 प्रतिशत इस परीक्षा में 70 प्रतिशत नंबर नहीं ला पाए। जिन शिक्षकों के 70 प्रतिशत से कम नंबर हैं, उनका प्रशिक्षण कराया जाएगा....

मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में दक्षता परीक्षा में 337 में से 133 शिक्षक फेल हो गए। इसके साथ ही हाईस्कूल और हायर सेकंडरी का रिजल्ट सुधारने की कवायद पर भी बड़े सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर फेल हुए शिक्षक अब दावा कर रहे हैं कि हमने नब्बे नंबर की परीक्षा को शत-प्रतिशत हल किया। कम से कम 70 नंबर हमारे तय थे लेकिन हमें अपात्र कर दिया गया। जो हमारे साथ पदस्थ शिक्षक लिखना पढ़ना तक नहीं जानते वह पास हो गए हैं। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी का दावा है कि अपात्र शिक्षक बहाने बना रहे हैं और हमने कॉपियों को री-चेकिंग के लिए भोपाल भिजवाया है।

बता दें कि जिन स्कूलों का रिजल्ट 40 प्रतिशत कम रहा था, उनके शिक्षकों की परीक्षा कराई गई थी। इस परीक्षा में शिक्षकों को पाठ्यपुस्तक रखकर नकल करने की छूट थी। इसके बाद भी 40 प्रतिशत इस परीक्षा में 70 प्रतिशत नंबर नहीं ला पाए। जिन शिक्षकों के 70 प्रतिशत से कम नंबर हैं, उनका प्रशिक्षण कराया जाएगा।

खबरों के मुताबिक 3 जनवरी को हाईस्कूल और हायर सेकंडरी के 43 शिक्षकों को परीक्षा के लिए कॉल किया गया था। इसमें से 42 शिक्षक परीक्षा में शामिल हुए जबकि एक शिक्षक अनुपस्थित रहा। यह वे शिक्षक हैं, जिनके स्कूल का रिजल्ट 2019-20 में 40 प्रतिशत से कम रहा है।

इसी तरह एक दिन बाद 4 जनवरी को मिडिल स्कूल के 299 शिक्षकों को परीक्षश्रा के लिए बुलाया गया, इनमें से 295 परीक्षा में शामिल हुए जबकि 4 अनुपस्थित रहे। मिडिल स्कूल के शिक्षकों को इसलिए कॉल किया गया, क्योंकि उनके यहां से कक्षा 8 पास करके 9वीं व 10वीं में पहुंचे कमजोर छात्रों के कारण हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट बिगड़ा था।

मिडिल स्कूल के जिन 120 शिक्षकों को उनके विषयों में कमजोर माना गया है, उसमें अंग्रेजी के 3, गणित के 7, संस्कृत के 11, हिंदी के 12, सोशल साइंस के 36, साइंस के 51 शिक्षक शामिल हैं। इसी प्रकार हाईस्कूल में गणित विषय के 11, हासे में बायलॉजी के 2 शिक्षक अपने विषयों में पढ़ाने की दृष्टि से कमजोर हैं। इसलिए इन 13 शिक्षकों को उनके विषयों में अध्यापन के लिए तैयार किया जा रहा है।

किताब रखकर प्रश्नों के उत्तर देने के बाद भी हायर सेकंडरी व हाईस्कूल के 13 व्याख्याता 70 फीसदी से कम अंक ला पाए। इधर मिडिल स्कूल के 120 शिक्षक भी नकल के बाद खुद को उत्तीर्ण नहीं करा पाए। ऐसे शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 133 की ट्रेनिंग शुरू कराई है। ऑनलाइन ट्रेनिंग के माध्यम से हाईस्कूल व हायर सेकंडरी के शिक्षकों को बीएड कॉलेज के व्याख्याता व प्राचार्य ट्रेनिंग दे रहे हैं। मिडिल स्कूल के 120 शिक्षकों की ट्रेनिंग जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के व्याख्याताओं के द्वारा कराई जा रही है।

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