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स्वास्थ्य

डीसीजीआइ ने सीरम-ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन के दूसरे व तीसरे फेज के ट्रायल को मंजूरी दी

Janjwar Desk
3 Aug 2020 2:36 AM GMT
डीसीजीआइ ने सीरम-ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन के दूसरे व तीसरे फेज के ट्रायल को मंजूरी दी
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दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट को इस संबंध में किए गए पूर्व रिसर्च के आधार पर ट्रायल की अनुमति मिली है। अगर यह परीक्षण सफल रहता है तो कोरोना वायरस के इलाज में बड़ी सफलता हासिल हो सकती है...

जनज्वार। भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल, डीसीजीआइ ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को कोरोना वैक्सीन को दूसरे व तीसरे फेज के भारत में ट्रायल की अनुमति दे दी है। दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट इस वैक्सीन पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश फर्म एस्ट्राजेेनेका के साथ मिल कर शोध कर रहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में कहा कि विस्तृत विचार मूल्यांकन के बाद डीसीजीआइ ने सीरम इंस्टीट्यूट को कोरोन वैक्सीन के दूसरे व तीसरे दौर के ट्रायल की मंजूरी दी है। ऐसा फैसला एक्सपर्ट कमेटी के विचार विमर्श के बाद लिया गया है।

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट के सीइओ अदार पूनेवाला ने कहा था कि उनकी कंपनी कोरोना की प्रति मिनट 500 वैक्सीन तैयार कर सकती है। उन्होंने कहा था आवश्यक मंजूरी के बाद भारत व दुनिया के दूसरे गरीब देशों में 50: 50 के अनुपात में इसकी आपूर्ति की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में फेज वन व फेज टू के ट्रायल के डाटा के परीक्षण पर डीसीजीआइ ने कोवीसिल्ड (COVISHIELD) के दूसरे व तीसरे चरण के देश के अंदर स्वस्थ व्यक्तियों पर परीक्षण की अनुमति दी है। ऐसा इस महामारी को देखते हुए तीव्र रेगलुटरी रिस्पांड के तहत किया गया है। इस संबंध में हाल ही में एक्सपर्ट कमेटी की वर्चुअल मीटिंग भी हुई थी।

इस संबंध में की गई स्टडी के अनुसार, वैक्सीन के दो डोज का परीक्षण चार सप्ताह के अंतराल पर किया जाएगा। पहली वैक्सीन देने के 29वें दिन दूसरी वैक्सीन दी जाएगी।

अधिकारियों ने अनुसार, फर्मा कंपनी ने सेफ्टी डाटा सबमिट किया था, जिसका डाटा सेफ्टी मानिटरिंग बोर्ड ने परीक्षण किया।

सीरम इंस्टीट्यूट भारत में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सहयोग से इस वैक्सीन का निर्माण करेगा। इस तरह की वैक्सीन का ब्रिटेन में फेज दो व तीन का परीक्षण चल रहा है। ब्राजिल में फेज तीन का परीक्षण चल रहा है। जबकि दक्षिण अफ्रीका में पहले एवं दूसरे चरण का परीक्षण चल रहा है।

सीरम इंस्टीट्यूट इसके मौजूदा प्रमुख अदार पूनवाला के पिता डाॅ साइरस पूनावाला ने 1966 में की थी। यह कंपनी प्रति वर्ष डेढ अरब वैक्सीन तैयार करती है। 1967 में सबसे पहले टेटनेस का वैक्सीन बनाने वाली कंपनी ने इसके बाद सर्पदंश का वैक्सीन बनाया और वह अबतक टीबी, हेपेटाइटिस, पोलियो, फ्लू सहित कई बीमारियों का वैक्सीन का निर्माण कर चुकी है।

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