मौसम बदलने पर भी आप हो सकते हैं मानसिक तौर पर बीमार, डॉक्टर से जानें कैसे रहें सावधान !

जनस्वास्थ्य चिकित्सक डॉ. एके अरुण की टिप्पणी
Seasonal affective disorder : क्या आपको पता है कि मौसम का भी हमारे और आपके मूड पर काफी प्रभाव पड़ता है? दरअसल,बदलते मौसम से जुड़ा एक विकार जिसे सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर (यानी SAD) के नाम से जाना जाता है,आपको प्रभावित कर सकता है।
वातावरण में बदलाव के कारण यदि ठंढ बढ़ती है और आप मानसिक रूप से अच्छा महसूस नहीं कर रहे तब इस स्थिति को विंटर डिप्रेशन भी कहा जाता है। इसका असर न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक तौर पर भी पड़ने लगता है। अगर आप भी बदलते मौसम के साथ लो फील करना, मूड में बदलाव जैसी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो हो सकता है आपको *सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर* हो।
सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD) एक तरह का डिप्रेशन है,जो कि साल के कुछ निश्चित मौसमों के दौरान होता है। खासतौर से,पतझड़ या सर्दी के मौसम के दौरान यह स्थिति ज्यादा सामने आती है।
ऐसा माना जाता है कि दिन छोटा होने और कम धूप की वजह से मस्तिष्क में केमिकल बदलाव हो जाता है जिससे अवसाद या डिप्रेशन के लक्षण पैदा हो सकते हैं। वहीं कई लोगों को गर्मी के मौसम में मूड में बदलाव होते हैं, तो इस कंडीशन को समर डिप्रेशन कहा जाता है।
सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर के लक्षण
-दिन के ज्यादातर समय सुस्त, उदास या निराश महसूस करना।
-उन कार्य में भी मन न लगना जिन्हें आप अक्सर पहले पसंद करते थे।
-कम एनर्जी और सुस्ती महसूस होना।
-बहुत ज्यादा सोने में समस्या होना।
-कार्बोहाइड्रेट की लालसा, ज्यादा खाना और वजन बढ़ना।
-ध्यान केन्द्रित करने में कठिनाई होना।
-निराश,बेकार या दोषी महसूस करना।
-जीने की इच्छा न होने के विचार आना, आदि।
पतझड़ या सर्दी के मौसम में सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर के लक्षण
-थकान या लो एनर्जी।
-बहुत ज्यादा सोना।
-भूख में परिवर्तन, विशेष रूप से कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों की लालसा।
-वजन बढ़ना।
-लोगों के साथ मिलने का या बात करने का न मन करना आदि।
किसे हो सकता है सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर(SAD)
राष्ट्रीय मानसिक रोग संस्थान(निम्हांस)के अध्ययन के अनुसार पुरुषों की तुलना में महिलाओं में सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर का जोखिम ज्यादा है। जहां ज्यादा सर्दी पड़ती है वहाँ के लोगों में सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर होने का खतरा ज्यादा है। अगर परिवार में किसी को ऐसी स्थिति रही हो तो हो सकता है परिवार के किसी अन्य सदस्य को भी यह हो। विटामिन डी की कमी होने से यह समस्या हो सकती है।
डॉक्टर से कब मिलें
-अगर लगातार कई-कई दिनों तक आपका मूड लो है।
-खाना-पीना बिल्कुल बंद हो गया है।
-वजन कम होने लगे।
-अगर किसी काम में मन न लगे।
-कई-कई रातों तक नींद न आए।
तो ऐसी स्थिति में अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। कई लोगों के लिए हो सकता है कि सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर टर्म नया हो, लेकिन ऐसा होता है।इसलिए अगर आप या आपके परिवार या दोस्तों में मौसम में बदलाव के बाद, अचानक शारीरिक और मानसिक रूप से भी बदलाव देखने को मिले तो उसे अनदेखा बिल्कुल न करें। (हील इनिशिएटिव)






















