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घर की चौखट से बाहर आईं बेटियां, खो-खो टूर्नामेंट बना दोस्ती, हौसले और बदलाव का मंच

Janjwar Desk
7 April 2026 8:46 PM IST
घर की चौखट से बाहर आईं बेटियां, खो-खो टूर्नामेंट बना दोस्ती, हौसले और बदलाव का मंच
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भीम, राजस्थान। भीलवाड़ा जिले के करेड़ा ब्लॉक के थाना ग्राम पंचायत स्थित बड़ी का बाड़ियां में लोकतंत्र शाला द्वारा संचालित चार संविधान केंद्रों एवं पुस्तकालयों के माध्यम से बालिकाओं के लिए खो-खो टूर्नामेंट का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जवाजा, बरार, छापली और थाना ग्राम पंचायत क्षेत्रों की बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागी 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग की स्कूली छात्राएं थीं। वे प्रतिदिन विद्यालय से लौटने के बाद संविधान केंद्रों एवं पुस्तकालयों में एकत्रित होकर नियमित अभ्यास करती थीं, जिससे उनकी खेल क्षमता के साथ-साथ टीम भावना भी सशक्त हुई।

लोकतंत्र शाला एक ऐसा मंच है, जहां समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सीखने-सिखाने की सतत प्रक्रिया चलती रहती है। इसका उद्देश्य समुदाय में संविधान और लोकतंत्र की समझ विकसित करना तथा नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। संविधान केंद्रों एवं पुस्तकालयों के माध्यम से राशन, पेंशन, मनरेगा और शिकायत निवारण जैसे मुद्दों पर सहयोग प्रदान किया जाता है। साथ ही युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ मिलकर विभिन्न सामाजिक विषयों पर निरंतर कार्य किया जाता है।

खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। इससे पूर्व दिसंबर माह में बैडमिंटन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसके बाद अब खो-खो टूर्नामेंट का सफल आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि बालिकाओं को घर से बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर प्रदान करना भी है।

टूर्नामेंट की तैयारियां संविधान केंद्रों के माध्यम से की गईं, जिसमें बालिकाओं ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें बालिकाओं ने अपने अनुभव साझा किए और तमाम चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की।

इस प्रतियोगिता में सोहनगढ़ से शारीरिक शिक्षक को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ रेफरी की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता के दौरान बालिकाओं ने हार-जीत से ऊपर उठकर बंधुत्व और खेल भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया। विभिन्न गांवों से आई बालिकाओं ने इस आयोजन को प्रतिस्पर्धा के बजाय आपसी सहयोग और मित्रता का मंच बना दिया।

इस आयोजन को सफल बनाने में नीरू और सायना की विशेष भूमिका रही। सहयोगकर्ताओं में मंजू, निर्मल, अशोक, गोपाल, लाल सिंह, रेनी जोसफ, ममता, रंजना, लक्ष्मी देवी, लखन थिरोज और बालूलाल सहित एमकेएसएस एवं एसएफडी के साथियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संविधान केंद्र एवं पुस्तकालय की साथी कविता, डाली, कंकू और सोनू ने बालिकाओं के आवागमन एवं प्रशिक्षण की जिम्मेदारी निभाई, जिससे कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ।

कार्यक्रम के दौरान MKSS के फाउंडर मेंबर निखिल डे ने जानकारी दी कि संविधान केंद्रों के माध्यम से बालिकाओं के लिए शीघ्र ही तीन दिवसीय खेल प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्हें खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। वहीं MKSS की फाउंडर मेंबर अरुणा रॉय ने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उचित अवसर मिलने पर लड़कियां हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।

MKSS के फाउंडर मेंबर शंकर सिंह ने एमकेएसएस और लोकतंत्र शाला के कार्यों की जानकारी देते हुए बालिकाओं का हौसला बढ़ाया तथा प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किया। यह आयोजन बालिकाओं के आत्मविश्वास, सहभागिता और नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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