बजट के पहले रोजगार अधिकार अभियान ने चलाया एक्स कैंपेन, सरकार से की कॉरपोरेट की सम्पत्ति पर टैक्स लगाकर रोजगार व सामाजिक सुरक्षा की गारंटी की मांग !

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लखनऊ। बजट के एक दिन पूर्व रोजगार अधिकार अभियान द्वारा आज 31 जनवरी को राष्ट्रीय स्तर पर एक्स पर कैंपेन चलाया गया। जिसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री को टैग कर रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य पर बजट में धन बढ़ाने, सरकारी विभागों में खाली लगभग एक करोड़ पदों को समयबद्ध भरने की घोषणा करने, हर नागरिक के सम्मानजनक जीवन के संवैधानिक अधिकार की गारंटी करने और देश के कॉरपोरेट की संपत्ति पर समुचित टैक्स लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
रोजगार अधिकार अभियान के नेशनल कोऑर्डिनेटर राजेश सचान ने बताया कि इस अभियान में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों समेत झारखंड, दिल्ली व उत्तराखंड के नेताओं ने भाग लिया। पुरानी पेंशन बहाली मंच के विजय बंधु ने ओपीएस बहाली की मांग उठाते हुए कैम्पेन में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय कुली मोर्चा के प्रतिनिधियों ने रेलवे में नौकरी की मांग करते हुए कैंपेन में पूरे देश में पोस्ट किए।
कैंपेन के बारे में बताते हुए राजेश सचान ने कहा कि पूंजी गहन अर्थनीति के कारण आज राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। देश के तमाम अर्थशास्त्रियों की राय है कि इससे आम आदमी की क्रयशक्ति में क्षरण हुआ है। सरकारी घोषणाओं के बावजूद सच्चाई यह है कि देश एक गंभीर आर्थिक मंदी की चपेट में है। इस रास्ते को बदलकर रोजगार केंद्रित श्रम गहन अर्थनीति को लाना होगा। यह देश में व्याप्त मंदी को भी हल करेगी और महंगाई भी इससे कंट्रोल होगी।
उन्होंने कहा कि आज की इस कैंपेन में हमारा मुख्य जोर था कि देश के अरबपतियों की संपत्ति और उत्तराधिकार पर टैक्स लगाया जाए, काली पूंजी के अर्थव्यवस्था को नियंत्रित किया जाए ताकि इससे देश के हर नागरिक के सम्मानजनक जीवन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी की जा सके।
कैंपेन में शिक्षक नेता सुरेन्द्र पांडेय, राष्ट्रीय कुली मोर्चा के राम सुरेश यादव, शेख रहमतुल्लाह, प्रयागराज से युवा मंच के अर्जुन प्रसाद, सोनभद्र से रूबी सिंह गोंड, चंदौली से आलोक राजभर, विपिन कुमार साहू, विवेक मिश्रा, किशन कुमार, डॉ नीरज पति त्रिपाठी, ममता सिंह, धीरेंद्र सिंह, शोध छात्र दीपक अरोड़ा, एस. के. पांडेय, विनोद कुमार, अरूण कुमार, अनिल कुमार मलिक, अभिषेक शुक्ला, प्रदीप कौशिक, मधुसूदन चौहान, सुरेश चंद्र जाट आदि प्रमुख लोग शामिल रहे।





