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Sarkari Naukari : रोजगार वाले लॉलीपॉप में है सियासी खेल, हजारों युवा भर्ती के 4 साल बाद हो जाएंगे रिटायर

Janjwar Desk
15 Jun 2022 7:06 AM GMT
Sarkari Naukari : रोजगार वाले लॉलीपॉप में है सियासी खेल, हजारों युवा भर्ती के 4 साल बाद हो जाएंगे रिटायर
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Sarkari Naukari : पिछले 50 वर्षों में देश में रोजगार की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। रुपए का मूल्य 75 वर्षों में सबसे कम है, कब तक पीएम 'ट्विटर ट्विटर' खेलकर ध्यान भटकाएंगे।

Sarkari Naukari : बेरोजगारी ( Unemployment ) को लेकर देश के युवाओं में बड़े पैमाने व्याप्त असंतोष को दबाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने एक दिन पहले 18 महीने के रिकॉर्ड समय में 10 लाख युवाओं को नौकरी ( Government Jobs ) देने का वादा किया है। उनकी इस घोषणा से युवा ( Indian youth ) खुश हो रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार ( Modi Government ) के इस घोषणा में झोल है। अभी तक उन पर लोगों की भावनाओं से खेलने का आरोप लगते रहे हैं। ताजा मामले में रोजगार के खेल पर्दा उठते ही उन पर युवाओं के भविष्य से खेलने का भी आरोप लग सकता है।

ऐसा इसलिए कि उन्होंने 10 नौकरी देने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन इनमें अग्निपथ योजना ( Agnipath Yojna ) के तहत अग्निवीर ( Agniveer ) भी शामिल हैं। हालांकि, इसको लेकर न तो पीएम मोदी ( PM Modi ) ने और न ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( Rajnath Singh ) ने स्थिति स्पष्ट की है। इसलिए अहम सवाल यह है कि क्या 10 लाख रोजगार में सेना में खाली पड़े 2.5 लाख पद भी शामिल हैं, जिन्हें मोदी सरकार अग्निवीर योजना के तहत भर्ती करने वाली है। अगर ऐसा तो समझ लीजिए रोजगार ( Employment ) के नाम पर बड़ा खेल हो गया। पूछिए, क्यों तो इसका एक ही जवाब है, अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले युवा चार साल बाद रक्षा सेवा से रिटायर हो जाएंगे। जबकि सरकारी सेवा का कॉन्सेप्ट 60 से 62 उम्र तक की स्थायी नौकरी से जुड़ा, तभी इसे परमानेंट जॉब माना जाता है। परमानेंट जॉब मतलब जिंदगी भर की नौकरी ( Sarkari Naukari ) । केंद्र सरकार के लिए यह सवाल वाजिब है। इसलिए उसे इसका जवाब तो देना होगा।

सवाल का सीधा जवाब देने से बचते नजर आये राजनाथ

फिलहाल इस मुद्दे पर न तो पीएम मोदी स्थिति स्पष्ट की है, न ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने। क्या वन रैक वन पेंशन से बचने के लिए ये स्कीम लाई गई है? इस सवाल के जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा कि इस स्कीम को संदेह की नजर से नहीं देखना चाहिए। देश की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए ही यह कदम उठाया गया है। सेना में यूथफुलनेश हो इस बात को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है। एक अन्य सवाल कि इससे सरकार को कितनी बचत होगी? इस सवाल के जवाब में भी रक्षा मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों को हम कभी भी बचत के नजरिए से नहीं देखते हैं। इस स्कीम के लिए और अधिक जितना भी खर्च करने की आवश्यकता होगी हमारी सरकार खर्च करने के लिए तैयार है।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

पीएम नरेंद्र मोदी ( PM narendra Modi ) ने 14 जून को केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि अगले 18 महीनों में 10 लाख भर्तियां की जाएं। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब विपक्ष लगातार देश में बेरोजगारी ( Unemployment ) का मुद्दा उठाता रहा है।

ऐलान में टाइम लाइन है खास

लगभग दो साल के अंदर लोकसभा चुनाव ( Lok abha Election 2024 ) होने हैं। यानि 2024 के बाद पांच साल और सत्ता में बने रहने के लिए मोदी को चुनाव का सामना कर फिर से जनादेश हासिल करना होगा। पिछले कुछ वर्षों से बेरोजगारी ( Youth Unemployment ) सबसे बड़ी समस्या के रूप में उभरकर सामने आई है। 45 वर्षों में इतिहास में भारत में सबसे ज्यादा युवा बेरोजगार हैं। इस असंतोष को दबाने के लिए पीएम मोदी की ओर से 10 लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा कहीं सभी के अकाउंट में 15 लाख रुपए डालने वाला वादा तो नहीं। पीएम मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में भी कालेधन को विदेश से इंडिया में लाकर सभी के खाते में 15 लाख रुपए डलवाने का वादा किया था।

जितेंद्र सिंह ने संसद को दी थी ये जानकारी

केंद्रीय मंत्री और पीएम मोदी के चहेते मंत्री जितेंद्र सिंह ने फरवरी 2022 में संसद को बताया था कि 1 मार्च, 2020 तक केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 8.72 लाख पद खाली हैं। केंद्र सरकार ने अपने विभिन्न विभागों में 40 लाख से अधिक पद स्वीकृत किए हैं, लेकिन वर्तमान में 32 लाख से कम कर्मचारी कार्यरत हैं। मोदी सरकार इन रिक्तियों को भरने की कोशिश कर रही है, लेकिन ज्यादा सफलता नहीं मिली है। सबसे ज्यादा भर्तियां भारतीय रेल, रक्षा, गृह मंत्रालय, डाक और राजस्व विभाग में है।इसके अलावा उन्होंने कहा था :

1. 1 मार्च 2018 तक केंद्र सरकार के विभागों मंत्रालयों में कुल 6,83,823 पद खाली पड़े थे।

2. 1 मार्च 2019 तक सरकार के 9,19,153 पद खाली पड़े थे।

3. 1 मार्च 2020 तक 8,72,243 सरकारी मंत्रालयों और विभागों में पद खाली पड़े थे।

इंडियन रेलवे में लगभग 15 लाख स्वीकृत पदों के मुकाबले 2.3 लाख पद खाली हैं। रक्षा (सिविल) विभाग में लगभग 6.33 लाख कर्मचारियों की स्वीकृत कर्मियों के मुकाबले लगभग 2.5 लाख रिक्तियां हैं। डाक विभाग में कुल स्वीकृत 2.67 लाख कर्मचारियों की तुलना में लगभग 90,000 रिक्तियां हैं। राजस्व विभाग में, 1.78 लाख कर्मचारियों की कुल स्वीकृत संख्या के मुकाबले लगभग 74,000 रिक्तियां हैं। गृह मंत्रालय में स्वीकृत 10.8 लाख पदों के मुकाबले करीब 1.3 लाख पद खाली हैं। अन्य मंत्रालयों में भी खाली पद भरे जाने हैं। अब देखना यह है कि पीएम मोदी ने 10 लाख रोजगार देने का ऐलान तो कर दिया लेकिन तय समय में वो इस लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे या नहीं?

क्या कहा था रणदीप सुरजेवाला ने

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ( Randeep surjewala ) ने का दावा है कि देश में 28 लाख नौकरियां हैं। एक चार्ट ट्वीट कर बताया कि ये आंकड़े 2018 से लेकर 2020 तक के हैं। 10 लाख रोजगार देने का ऐलान केंद्र सरकार के सामने बड़ी चुनौती है। इसीलिए पीएम मोदी ने ये काम मिशन मोड में करने का दावा किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्हें हर रोज 2560 लोगों को बहाल करना होगा। रणदीप सुरजेवाला ने तंजिया लहजे में कहा कि इसे ही कहा जाता है 900 चूहे खाकर बिली हज को चली। हम 50 वर्षों में सबसे खराब रोजगार (दर) का अनुभव कर रहे हैं, रुपए का मूल्य 75 वर्षों में सबसे कम है, कब तक पीएम 'ट्विटर ट्विटर' खेलकर हमारा ध्यान भटकाएंगे।

रोजगार के मुद्दे पर बदनाम है मोदी सरकार

बता दें कि बेरोजगारी ( Unemployment ) और सरकारी नौकरियों ( Sarkari Naukari ) के मामले पर विपक्ष लगातार मोदी सरकार ( Modi Government ) पर लंबे अरसे से हमलावर है। पिछले दो-तीन सालों से इंडियन आर्मी के अलावा कई अन्य विभागों में नौकरियां ही नहीं निकली हैं। ऐसे में नरेंद्र मोदी सरकार के इस ऐलान को बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।

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