Begin typing your search above and press return to search.
आजीविका

कुलियों को रेलवे में नौकरी दिये जाने को लेकर राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने चलाया ट्विटर अभियान, खतरे में कुलियों का रोजगार !

Janjwar Desk
23 Jan 2026 2:32 PM IST
कुलियों को रेलवे में नौकरी दिये जाने को लेकर राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने चलाया ट्विटर अभियान, खतरे में कुलियों का रोजगार !
x
पूरे देश में रेल मंत्रालय ने कुलियों की आजीविका और सामाजिक सुरक्षा के संबंध में सर्वे कराया था, लेकिन यह रिपोर्ट न तो मोर्चा के पदाधिकारियों को दी गई और न ही इसे संसद के पटल पर रखा गया, इस बजट सत्र में सर्वे की रिपोर्ट को संसद के पटल पर रखने की मांग आज के ट्विटर अभियान में पुरजोर तरीके से उठाई गई...

लखनऊ। कुलियों को इस बजट सत्र में 2008 की तरह रेलवे की स्थाई नौकरी में समायोजित करने की घोषणा सरकार करे एवं उनके हुए सर्वें की रिपोर्ट संसद के पटल पर रखने, उनके लिए चलाई जा रही शिक्षा, स्वास्थ्य, वर्दी, विश्रामगृह आदि की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लागू करने और कुलियों का काम निजी क्षेत्र को देने पर रोक लगाने की मांगों पर आज पूरे देश के कुलियों ने राष्ट्रीय कुली मोर्चा के आव्हान पर ट्विटर यानी एक्स पर अभियान चलाया। अभियान में प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री भारत सरकार अश्विनी वैष्णव जी, मंत्री नीलम सीतारमण और रेलवे बोर्ड को टैग कर ट्वीट किया गया।

ट्विटर अभियान के बारे में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय कुली मोर्चा के नेशनल कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव ने बताया कि मोर्चा के प्रयासों के बाद पूरे देश में रेल मंत्रालय ने कुलियों की आजीविका और सामाजिक सुरक्षा के संबंध में सर्वे कराया था। लेकिन यह रिपोर्ट न तो मोर्चा के पदाधिकारियों को दी गई और न ही इसे संसद के पटल पर रखा गया। इस बजट सत्र में सर्वे की रिपोर्ट को संसद के पटल पर रखने की मांग आज के ट्विटर अभियान में पुरजोर तरीके से उठाई गई।

उन्होंने कहा कि लगातार रेलवे के निजीकरण की नीतियों के कारण कुलियों की आजीविका का गंभीर खतरा पैदा हुआ है। ऐसे में 2008 की तरह कुलियों को रेलवे की नौकरी में समायोजित कर उनके साथ न्याय किया जाना आवश्यक है। पूरे देश में हजारों कुलियों ने इस ट्विटर अभियान में शिरकत की है और लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर भी कुलियों ने बड़ा प्रदर्शन कर सामूहिक रूप से ट्विटर यानी एक्स पर पोस्ट किया है।

ट्विटर अभियान का नेतृत्व अकबर अली, राघवेन्द्र प्रताप, एजाज अहमद, निहाल खान, नौशाद अहमद, दिलीप कुमार, खुर्शीद अहमद, इकबाल अहमद, मोइद अहमद, अकील अहमद, फुरकान अहमद, नामदार अली, रमेश ठाकुर, अनिल सांवले, राजू टेकम, विकास, जितेंद्र डांगी, राजकुमार यादव, शेख रहमतुल्लाह, चंदेश्वर मुखिया, रामबाबू बिलाला, राम महावर, कलीम मकरानी, संजय पासवान, सुभाष यादव, राजकृष्ण कुशवाह, दिगम्बर यादव, सुरेंद्र यादव, अरविंद यादव, चंद्रेश्वर मुखिया, दिनेश मुखिया, चंद्रपाल, उमेश शर्मा, राहुल कुमार, राज कपूर, भारत भूषण, राजकुमार, अरुण कुमार महतो, शिवराम, मूलचन्द, अमजद भाई, चंद्रू चालवाड़ी, राम जनम यादव, ओम प्रकाश खींची, इमरान अहमद ,मोहम्मद हाशिम, आदि लोगों ने किया।

Next Story

विविध