आंदोलन

रामनगर के मालधन से लेकर अल्मोड़ा तक दलित युवा जगदीश हत्याकांड के खिलाफ प्रदर्शन, भिकियासैंण कूच की तैयारी जोरों पर

Janjwar Desk
8 Sep 2022 3:57 PM GMT
रामनगर के मालधन से लेकर अल्मोड़ा तक दलित युवा जगदीश हत्याकांड के खिलाफ प्रदर्शन, भिकियासैंण कूच की तैयारी जोरों पर
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Almora kand : प्रदर्शन में में जगदीश हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ का मुआवजा देने, पत्नी व बहन को समुचित संरक्षण व सरकारी नौकरी देन और इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की गयी...

Almora Kand : उपपा (Uttarakhand Parivartan Party) नेता जगदीश हत्याकांड के विरोध में बृहस्पतिवार 8 सितंबर को रामनगर के मालधन से लेकर अल्मोड़ा के गांधीपार्क तक में विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शन व सभाओं का आयोजन किया गया, जिसमें हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ का मुआवजा देने, पत्नी व बहन को समुचित संरक्षण व सरकारी नौकरी देने, इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की गयी।

अल्मोड़ा के गांधी पार्क में सामाजिक कार्यकर्ता ईश्वर जोशी तथा एडवोकेट नारायण राम के संयुक्त रूप संचालन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस मामले पर जन प्रतिनिधियों एवं मुख्यमंत्री की चुप्पी पर गहरा रोष जताते हुए कहा कि इससे इस मामले में राज्य सरकार की संलिप्तता स्पष्ट हो गयी है। अतः मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। धरने में संकल्प लिया गया कि समाज में फैले इस जातिवाद एवं मनुवाद के जहर के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।

इसी क्रम में 11 सितम्बर को भिक्यासैंण में विशाल प्रदर्शन किया जायेगा, जिसमें आम जन से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी करने की अपील की गयी। इस मौके पर वक्ताओं ने जिला एवं पुलिस प्रशासन पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि प्रशासन थोड़ा भी गंभीर होता तो इस जघन्य हत्याकांड को रोका जा सकता था। उन्होंने डीआईजी के उस बयान पर गहरी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने जगदीश का उसके द्वारा बताये गये पते पर न मिलना बताया। वक्ताओं ने कहा कि जगदीश और उसकी पत्नी ने जिन लोगों से अपनी जान का खतरा बताया था, पुलिस द्वारा उन पर नजर रखी जानी चाहिए थी।

धरना प्रदर्शन में वक्ताओं ने राज्य में फैलाये जा रहे धार्मिक एवं जातीय उन्माद पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए सभी प्रगतिशील सामाजिक राजनैतिक संगठनों/व्यक्तियों से एकजुट होकर संघर्ष में शामिल होने की अपील की। इस दौरान धरने को उपपा के केन्द्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश जोशी, अखिल भारतीय किसान सभा के दिनेश पांडे, जनवादी महिला समिति की सुनीता पांडे, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महेश परिहार, उत्तराखण्ड छात्र संगठन की भारती पांडे, दीक्षा सुयाल, भावना पांडे, उलोवा के दया कृष्ण कांडपाल, नरेश नौरियाल, एडवोकेट प्रेम राम, जीवन चन्द्र, सुनील ग्वाल, बाल प्रहरी के संपादक उदय किरौला, उपपा की केन्द्रीय सचिव आनन्दी वर्मा, नगर अध्यक्ष हीरा देवी, धीरेन्द्र मोहन पंत, वंदना कोहली आदि ने संबोधित किया।


दूसरी तरफ रामनगर के मालधन क्षेत्र में सवर्ण लड़की से प्रेम विवाह करने के कारण उपपा के दलित नेता जगदीश चंद्र की सवर्ण जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त लोगों द्वारा अपहरण करने के बाद उनकी निर्मम हत्या के विरोध में युवा एकता संगठन तथा महिला एकता मंच ने धरना-प्रदर्शन कर जगदीश चंद्र के लिए न्याय की मांग की। सभा का संचालन करते हुए युवा एकता संगठन के संयोजक इंद्रजीत सिंह ने कहा की मृतक जगदीश चंद्र की पत्नी द्वारा बार-बार मौखिक और लिखित निवेदन करने के बावजूद भी अल्मोड़ा के जिला प्रशासन ने युवा दंपत्ति को सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई। यदि समय रहते प्रशासन ने उनके प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करा दी होती तो आज जगदीश हमारे बीच में होता।

उन्होंने अल्मोड़ा के जिला प्रशासन पर जातिवादी मानसिकता से काम करने का आरोप लगाया। महिला एकता मंच की सरस्वती जोशी ने कहा कि मृतक जगदीश के परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा, उसकी पत्नी तथा बहन को सरकारी नौकरी, शेष बचे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी तथा इस मामले में लापरवाही बरतने के लिए जिम्मेदार अल्मोड़ा के डीएम व एसएसपी की बर्खास्तगी की मांग को लेकर आगामी 11 सितंबर को भिकियासैण में जुलूस प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने उत्तराखंड की जनता से अधिक से अधिक संख्या में भिकियासैण कार्यक्रम में भागीदारी की अपील की।

किसान संघर्ष समिति के नेता ललित उप्रेती ने कहा कि इस मामले की अभी तक न तो सल्ट क्षेत्र के विधायक और न ही अल्मोड़ा के सांसद ने निंदा की है। उन्होंने कहा कि अपने आप को दलितों का नेता कहने वाले विपक्षी कांग्रेस के नेता यशपाल आर्य ने जगदीश की हत्या को लेकर कोई भी बयान जारी नहीं किया है और न हीं उन्होंने जगदीश चंद्र के परिजनों से मिलने की जहमत उठाई है। इससे साफ है कि सत्ता और विपक्ष दोनों ही वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं और उन्हें दलित उत्पीड़न के मुद्दे से वास्तविक रूप में कोई भी सरोकार नहीं है।

सभा को समाजवादी लोकमंच के मुनीष कुमार, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के लालमणि व किरण आर्य आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान कार्यक्रम में शाहिस्ता, कौशल्या, एसआर टम्टा, राजेंद्र, लोकेश कुमार, राकेश सिंह, गंगा देवी आनंदी देवी, तुलसी देवी गीता देवी, महिला मंगल दल की अध्यक्षा पुष्पा, नीमा, चन्द्रा, समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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