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आंदोलन

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पूछड़ी के रामलीला मैदान में आम सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

Janjwar Desk
8 March 2025 9:32 PM IST
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पूछड़ी के रामलीला मैदान में आम सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
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महिलाओं को सुरक्षा और अधिकार के नाम पर उत्तराखंड की जनता पर यूसीसी थोप दिया गया है। ये महिलाओं के अधिकारों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं करता है, बल्कि ये कानून महिलाओं व जनता की निजता का हनन करता है। अतः इस कानून को रद्द किया जाना चाहिए...

रामनगर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला एकता मंच द्वारा रामनगर के ग्राम पूछड़ी, रामलीला मैदान में आम सभा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। सभा का संचालन करते हुए सरस्वती जोशी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस दुनिया की संघर्षशील महिलाओं के संघर्ष और एकता का प्रतीक है। 8 मार्च 1857 को न्यूयॉर्क में टेक्सटाइल मजदूर महिलाओं ने एक विशाल जन प्रतिरोध संगठित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज विज्ञान, तकनीक, शिक्षा स्वास्थ्य समेत सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। इसके बावजूद भी हम महिलाओं को समाज में वो स्थान नहीं मिल पाया है, जिसकी हम हकदार हैं।

सभा में मौजूद शांति मेहरा ने कहा 8 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग करते हुए कहा कि सरकार सभी तीज-त्योहारों पर अवकाश देती है, परंतु 8 मार्च जो हम महिलाओं की संघर्षों की विरासत को आगे बढ़ाने का दिन है, इस दिन को सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं किया गया है। ये देश की सरकारों की पुरुष प्रधान मानसिकता को उजागर करता है।

सीमा तिवाड़ी ने कहा कि समाजवाद में ही महिलाओं को वास्तविक रूप से बराबरी का अधिकार मिल सकता है। तुलसी जोशी ने कहा कि सरकार द्वारा दिया गया बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देश की आधी आबादी के साथ छलावा है। उन्होंने कहा कि हम महिलाएं न ही घर में सुरक्षित हैं और न ही घर के बाहर। उन्होंने कहा कि हम देशवासियों व महिलाओं को जो भी अधिकार मिले हैं, वह संघर्षों के दम पर ही मिले हैं। उत्तराखंड राज्य भी का निर्माण भी संघर्षों की ही देन था तथा देश से अंग्रेज भी जनता के संघर्षों की वजह से ही देश छोड़ने के लिए विवश हुए थे। अतः हम सभी को संघर्षों की परंपरा और विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

मंच की संयोजक ललिता रावत ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा और अधिकार के नाम पर उत्तराखंड की जनता पर यूसीसी थोप दिया गया है। ये महिलाओं के अधिकारों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं करता है, बल्कि ये कानून महिलाओं व जनता की निजता का हनन करता है। अतः इस कानून को रद्द किया जाना चाहिए।

कौशल्या चुनियाल ने बताया कि 10 मार्च को ग्राम सुन्दरखाल व 11 मार्च को ग्राम वीरपुर लच्छी में महिला दिवस के कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम में महिलाओं व किशोरियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये।

सभा को किसान संघर्ष समिति के महेश जोशी, समाजवादी लोक मंच के जमन आर्य, पान सिंह रौतेला, साइंस फॉर सोसाइटी गिरीश आर्य, ऊर्बादत्त नैनवाल आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम में धना तिवाड़ी, मंजू, दीपा ध्यानी, ममता, भगवती नेगी, रमा, गंगा, सुनीता, माया, सीमा, हिमानी, महक, सूरज, संजय रावत, बालादत्त कांडपाल किसन शर्मा, राजेन्द्र सिंह, बीडी नैनवाल समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

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