राष्ट्रीय

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे का सिर काटकर लाने वाले को 51 लाख का इनाम, विश्व हिंदू सेना के प्रेजिडेंट का ऐलान

Janjwar Desk
26 Aug 2021 6:36 PM GMT
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे का सिर काटकर लाने वाले को 51 लाख का इनाम, विश्व हिंदू सेना के प्रेजिडेंट का ऐलान
x
नारायण राणे के सिर पर इनाम रखने वाले अरूण पाठक (photo- twitter)
वाराणसी के भेलूपुर क्षेत्र में रहने वाले अरुण पाठक पहले शिव सेना के नेता हुआ करते थे। उनका मुंबई आना-जाना लगा रहता था और ठाकरे परिवार के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा थी। वह खुद को बाला साहब ठाकरे का अनन्य भक्त और कट्‌टर हिंदू बताते हैं...

जनज्वार ब्यूरो। राणे बनाम ठाकरे का विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इसी कड़ी में अब विश्व हिंदू सेना (VHS) के अध्यक्ष अरुण पाठक ने अब भाजपा (BJP) के केंद्रीय मंत्री नारायण राणे का सिर कलम करने वाले को 51 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। अरुण पाठक ने फेसबुक और ट्विटर पर नारायण राणे के खिलाफ कई आपत्तिजनक पोस्ट भी किये हैं।

बताया जा रहा है कि, अरुण पाठक (Arun Pathak) पहले शिवसैनिक ही थे। महाराष्ट्र में कांग्रेस से गठबंधन के बाद शिवसेना छोड़कर विश्व हिन्दू सेना बना ली थी। इससे पहले अरुण पाठक तब चर्चा में आए थे जब एक नेपाली युवक का गंगा किनारे सिर मुंडवाकर जयश्रीराम लिखवाया गया और उसका वीडियो वायरल हुआ था। उस मामले में भी पुलिस ने अरुण पाठक को ही मुख्य आरोपी बताया और केस दर्ज किया था। इस समय भी तीन मुकदमों में पुलिस को अरुण पाठक की तलाश है।

हालिया मामले में अरुण पाठक ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है कि जिस पॉकेटमार और टिकट ब्लैक में बेचने वाले को बाला साहेब ने दया करके शिव सैनिक बनाया, उसे मुख्यमंत्री भी बनाया। उसने घटिया काम किया। सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए बाला साहेब के बेटे पर आक्रमण किया। ऐसे आदमी का सिर कलम करना चाहिए और यह जो करेगा उसे मैं 51 लाख रुपए का इनाम दूंगा।

इसके साथ ही ट्विटर एकाउंट पर भी मंत्री के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि मैं तुझसे वादा करता हूं एहसान फरामोश नारायण राणे कि तेरे मरने के बाद काशी में तेरी अस्थियां विसर्जित नहीं करने दूंगा। तेरी आत्मा सदियों तक भटकते रहेगी।

वाराणसी के भेलूपुर क्षेत्र में रहने वाले अरुण पाठक पहले शिव सेना के नेता हुआ करते थे। उनका मुंबई आना-जाना लगा रहता था और ठाकरे परिवार के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा थी। वह खुद को बाला साहब ठाकरे का अनन्य भक्त और कट्‌टर हिंदू बताते हैं। शिव सेना और कांग्रेस ने महाराष्ट्र में जब सरकार बनाई तो अरुण पाठक ने इसका विरोध किया। इसके साथ ही अरुण पाठक ने विश्व हिंदू सेना के नाम से अलग संगठन बना लिया।

मोदी-योगी के लगवाए थे विवादित पोस्टर

'अरुण पाठक ने साल 2020 में अस्सी घाट पर नेपाल के एक मूल निवासी युवक का सिर मुड़वा कर जय श्रीराम लिखवाया था। इसके बाद उसी से नेपाल और चीन के विरोध में नारेबाजी कराकर वीडियो सोशल मीडिया में पोस्ट किया था। पुलिस की ओर से भेलूपुर थाने में अरुण और उनके करीबियों पर मुकदमा दर्ज कर शिकंजा कसना शुरू किया तो वह हाईकोर्ट की शरण में चले गए। इसके बाद अरुण पाठक का वाराणसी में कहीं पता नहीं लगा।

इसके अलावा जुलाई महीने में अरुण पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो के साथ उन्हें लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी युक्त पोस्टर शहर में चस्पा कराए तो सिगरा, लंका और भेलूपुर थाने में 3 मुकदमे दर्ज किए गए। अरुण पाठक वांछित होने के बाद भी लगातार सोशल मीडिया से पुलिस को चैलेंज भी करते रहते हैं। इसके बावजूद गिरफ्त में न आना सभी की समझ से परे है।'

Next Story

विविध

Share it