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Agnipath Scheme Protest : सेना भर्तियों को रद्द किए जाने से लाखों युवा मानसिक अवसाद में, सामने आ रहे हैं आत्महत्या के मामले - युवा हल्ला बोल

Janjwar Desk
24 Jun 2022 1:01 PM GMT
Agnipath Scheme Protest : सेना भर्तियों को रद्द किए जाने से लाखों युवा मानसिक अवसाद में, सामने आ रहे हैं आत्महत्या के मामले - युवा हल्ला बोल
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Agnipath Scheme Protest : सेना भर्तियों को रद्द किए जाने से लाखों युवा मानसिक अवसाद में, सामने आ रहे हैं आत्महत्या के मामले - युवा हल्ला बोल 

Agnipath Scheme Protest : युवा आंदोलन के राष्ट्रीय नेता अनुपम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि अग्निपथ आंदोलन के अलोकतांत्रिक दमन का हर प्रयास विफल किया जाएगा, सरकार चाहे जितने भी तिकड़म लगाए लेकिन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से संघर्ष जारी रहेगा...

Agnipath Scheme Protest : युवा आंदोलन के राष्ट्रीय नेता अनुपम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि अग्निपथ आंदोलन के अलोकतांत्रिक दमन का हर प्रयास विफल किया जाएगा। सरकार चाहे जितने भी तिकड़म लगाए लेकिन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से संघर्ष जारी रहेगा।

अनुपम ने सवाल किया कि आंदोलन पर प्रतिक्रिया देने के लिए सरकार सेना की आड़ में क्यों छिप रही है। अपनी राजनीति के लिए अकसर सेना का इस्तेमाल करने वाली सरकार अब वर्दी की विश्वसनियता के सहारे अग्निपथ स्कीम को आगे बढ़ा रही है। स्पष्ट होता जा रहा है कि स्कीम का मक़सद सेना का इस्तेमाल पूंजीपतियों के लिए प्रशिक्षित गार्ड्स तैयार करना है। अनुपम ने बताया कि अग्निपथ स्कीम सिर्फ युवा विरोधी ही नहीं, सेना विरोधी भी है और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी उचित नहीं।

सरकार ने अग्निपथ योजना के नाम पर सेना की अटकी पड़ी भर्तियों को भी रद्द कर दिया है। 'युवा हल्ला बोल' के राष्ट्रीय महासचिव रजत यादव ने कहा कि सेना भर्तियों को रद्द किए जाने से लाखों युवा भारी मानसिक अवसाद में हैं। इस कारण आत्महत्या के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बुधवार को 'युवा हल्ला बोल' संस्थापक अनुपम हरियाणा के जींद जिले में जाकर ऐसे ही एक शोकाकुल परिवार से मिले और उनका दुख साझा किया। सचिन नामक इस होनहार छात्र ने सरकार की नीति से अवसाद में आकर आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। इस मौके पर सेना से रिटायर हो चुके सचिन के पिताजी सतपाल जी ने संदेश जारी किया कि कोई भी युवा इस तरह का कदम उठाने की बजाए बदलाव के लिए संघर्ष करे।

'युवा हल्ला बोल' के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद मिश्रा ने बताया कि आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार हर तरह के तिकड़मों का इस्तेमाल कर रही है। मुकदमे किए जा रहे हैं, गिरफ्तारियां हो रही हैं, कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों की डिटेल्स ली जा रही हैं, प्रदर्शन में शामिल होने या व्हाट्सएप स्टेटस तक करने से मना किया जा रहा, पूरा सर्वेलेन्स रखा जा रहा और सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर अग्निपथ स्कीम का प्रचार करवाया जा रहा।

ज्ञात हो कि दिल्ली पुलिस ने 'युवा हल्ला बोल' अध्यक्ष अनुपम समेत कई नेताओं को गिरफ्तार करके तिहाड़ जेल भेज दिया था। युवा नेता रजत यादव ने बताया कि राजस्थान के सीकर में रहने वाले संदीप फौजी के घर आयकर विभाग का छापा पड़ा। संदीप लगातार सेना अभ्यर्थियों की आवाज़ बुलंद कर रहे थे और 'युवा हल्ला बोल' संस्थापक अनुपम के साथ वो भी तिहाड़ जेल गए थे।

अनुपम ने दिल्ली के प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए सरकार से मांग किया कि...

1) युवा विरोधी और सेना विरोधी 'अग्निपथ स्कीम' वापिस लो

2) रद्द की गयी सेना की पुरानी भर्तियों की पुनर्बहाली करो

3) ओवरएज हो चुके छात्रों को क्षतिपूरक अवसर देकर नियमित भर्ती तुरंत शुरू करो

4) सरकार की सेना भर्ती नीति के कारण आत्महत्या कर रहे युवाओं के शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुआवज़ा दो

अनुपम ने कहा कि युवा आंदोलन को शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक ढंग से चलाने को लेकर 'युवा हल्ला बोल' प्रतिबद्ध है और सरकार की हरकतों से डरने वाले नहीं। आने वाले दिनों में बिहार जाकर युवा आंदोलन को रचनात्मक और सकारात्मक ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।

'युवा हल्ला बोल' के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार प्रभारी प्रशांत कमल ने बताया कि मंगलवार 28 तारीख को बिहार पहुँचकर अनुपम भैया समेत सभी आंदोलनकारी एक दिवसीय उपवास से प्रदेश में शांति और प्रतिबद्धता का संदेश देंगे। गाँधी और बुद्ध की भूमि बिहार आंदोलनों की जन्मस्थली है और इतिहास में कई बड़े बदलावों की धुरी रही है।

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