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Bihar में बदल रहा है सियासी माहौल, आरसीपी सिंह ने ट्विटर प्रोफाइल से हटाया JDU का नाम, तो अपने चहेते को निपटाने के मूड में हैं नीतीश?

Janjwar Desk
25 May 2022 5:31 AM GMT
Bihar में बदल रहा है सियासी माहौल, आरसीपी सिंह ने ट्विटर प्रोफाइल से हटाया JDU का नाम, तो अपने चहेते को निपटाने के मूड में हैं नीतीश?
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Bihar : कुछ समय पहले तक आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के सबसे करीबियों में से एक थे। अब वो स्थान राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने ले लिया है।

Bihar : बिहार से राज्यसभा ( Rajya Sabha Election ) की पांच सीटों पर चुनाव के बीच वहां सियासी पारा भी चरम पर पहुंच गया है। राजयसभा टिकट को लेकर बिहार ( Bihar ) में सत्ताधारी जेडीयू ( JDU ) के टॉप नेताओं में पावर गेम जारी है। वहीं जेडीयू में जारी जोड़-तोड़ के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह उर्फ आरसीपी सिंह ( RCP Singh ) मंगलवार को अचानक पटना से दिल्ली पहुंच गए। पटना एयरपोर्ट पर जब उनसे जनता दल यूनाइटेड ( JDU ) की ओर से राज्यसभा का टिकट मिलने से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने हाथ जोड़ लिया और कोई जवाब नहीं दिया। यानी जेडीयू आरसीपी को टिकट देगा या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है।

अब नीतीश के करीबी नहीं रहे आरसीपी



इस बीच आरसीपी ( RCP Singh ) का ट्विटर अकाउंट भी चर्चा में आ गया है। माइक्रो ब्लागिंग साइट ट्विटर पर आरसीपी की एक तस्वीर और बैनर में पीएम नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) का फोटो है। खास बात यह है कि उनके ट्विटर प्रोफाइल पर जेडीयू नाम और निशान कहीं नहीं दिख रहा है। चर्चा इस बात की है कि ऐसा क्यों है? क्या जेडीयू ने आरसीपी सिंह को बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना लिया है। या आरसीपी सिंह नीतीश कुमार ( Nitish Kumar ) के नेतृत्व को चुनौती देना चाहते हैं। खास बात यह है कि कुछ समय पहले तक आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के सबसे करीबियों में से एक थे। अब वो स्थान राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ( Lallan Singh ) ने ले लिया है।

इस बार ललन सिंह लेंगे आरसीपी से सियासी बदला

ललन सिंह और आरसीपी सिंह ( RCP Singh ) में तब खटास आई जब जेडीयू के अध्यक्ष रहते आरसीपी सिंह ने मोदी सरकार के दूसरे कैबिनेट विस्तार में खुद के लिए एक मंत्री पद ले लिया। अब राज्यसभा सीट पर फैसला ललन सिंह के हाथ में होने से आरसीपी सिंह की राह आसान नहीं मानी जा रही है। हालांकि, जेडीयू ने अभी राज्यसभा के लिए अपने सभी उम्मीदवारों को अंतिम रूप नहीं दिया है। केंद्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह का भविष्य अधर में है। मोदी सरकार में जेडीयू के एकमात्र प्रतिनिधि सिंह का उच्च सदन का कार्यकाल इस साल 7 जुलाई को समाप्त हो रहा है। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने दो दिन पहले यानि 23 मई को राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवारों में से एक के रूप में अनिल हेगड़े के नाम की घोषणा की है, लेकिन एक अन्य सीट पर अभी फैसला नहीं लिया है। सीएम नीतीश कुमार और ललन सिंह समेत जेडीयू का शीर्ष नेतृत्व इस बार आरसीपी सिंह को राज्यसभा में भेजने को तैयार नहीं है। जब राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के चयन की बात आती है तो पार्टी के नेता नीतीश कुमार पर दबाव बनाते थे, पर इस बार निर्णय लेने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि सभी की नजरें केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह पर टिकी हुई हैं। जब इस बारे में पत्रकारों ने नीतीश से सवाल पूछा तो उन्होंने भी बात घुमा दी। सीएम ने कहा कि सही समय पर फैसला ले लिया जाएगा।

भाजपा ने अभी नहीं खोले अपने पत्ते

बता दें कि जुलाई में बिहार के पांच राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। नामांकन की तिथि 24 मई यानी आज से शुरू हो गई है। अबतक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भाजपा ने रविवार को 12 नाम केंद्रीय नेतृत्व को सौंपे हैं। इनमें वर्तमान राज्यसभा सदस्य गोपाल नारायण सिंह और सतीश चंद्र दुबे के अलावा मनोज शर्मा, मृत्युजंय झा, लाजवंती झा, प्रेम रंजन पटेल, सुरेश रूंगटा, मिथलेश तिवारी, अवधेश नारायण सिंह, महाचंद्र प्रसाद सिंह, राजेश वर्मा और वीरचंद्र पासवान शामिल हैं।

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