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कोरोना टेस्टिंग गड़बड़झाला मामले में सरकार की सफाई- की गई त्वरित कार्रवाई, 26 जिलों में जांच पूरी

Janjwar Desk
14 Feb 2021 5:31 AM GMT
कोरोना टेस्टिंग गड़बड़झाला मामले में सरकार की सफाई- की गई त्वरित कार्रवाई, 26 जिलों में जांच पूरी
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प्रधान सचिव ने कहा कि अररिया के फारबिसगंज में जांच कराने वाले सही पाए गए, किंतु उनमें कुछ के मोबाइल नंबर शून्य पाए गए, वहीं, शिवहर के पूरनहिया प्रखंड में भी 30-40 लोगों के मोबाइल नंबर गलत पाए गए हैं..

जनज्वार ब्यूरो, पटना। बिहार में कोरोना टेस्टिंग में गड़बड़झाले के मामले में सरकार की ओर से सफाई आई है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि जमुई के सिकंदरा एवं बरहट में कोरोना की रैपिड एंटीजन जांच में अनियमितता पायी गई है, जबकि अन्य जिलों में कोविड जांच कराने वाले व्यक्तियों की संख्या सही है। हालांकि कई व्यक्तियों के फोन नंबर में गड़बड़ी मिली है। उन्होंने पटना में कहा कि एंटीजन टेस्ट कराने वाली शेखपुरा निवासी सोनाली कुमारी के पिता अजीत कुमार से पूछताछ में टेस्ट कराने की पुष्टि हुई है।

प्रधान सचिव ने कहा कि इसी तरह अररिया के फारबिसगंज में कोविड जांच कराने वाले व्यक्ति सही पाए गए, किंतु उनमें कुछ व्यक्तियों के मोबाइल नंबर शून्य पाए गए। इसके लिए वहां के सिविल सर्जन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, शिवहर के पूरनहिया प्रखंड में भी 30-40 लोगों के मोबाइल नंबर गलत पाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने एंटीजन टेस्ट में अनियमितता मामले की 10 टीमों के माध्यम से 26 जिलों में और शेष जिलों में जिलाधिकारियों के माध्यम से रैंडम जांच करायी है। इनकी प्रारंभिक रिपोर्ट में ये बातें सामने आयी हैं।

प्रत्यय अमृत ने कहा कि कुछ कर्मियों की गलती से पूरे अभियान को गलत नहीं ठहराया जा सकता है। किसी भी जगह कोरोना जांच में अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जून-जुलाई, 2020 में राज्य में एक हजार आरटीपीसीआर जांच की भी क्षमता नहीं थी।

उन्होंने बताया कि इस मामले में सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई अफसरों को सस्पेंड किया है। सिविल सर्जन और चिकित्सीय पदाधिकारी को शोकॉज किया गया है। जहां-जहां गड़बड़ी हुई है स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्बंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि अब तक 26 जिलों की रिपोर्ट सामने आ गई है। गड़बड़ी की सूचना के बाद जमुई के डीएम अविनाश कुमार सिंह और शेखपुरा की जिलाधिकारी इनायत खान को जांच के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 10 टीमों का गठन कर अलग-अलग जिलो में भेजा गया।

बता दें कि बिहार में कोरोना जांच के दौरान गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर खासे आक्रामक हैं तो सरकार को सफाई देते नहीं बन पा रहा। इस बीच राजद सांसद मनोज झा द्वारा इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाया गया, जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है।

उधर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि कोरोना काल में बिहार सरकार द्वारा आम जनता की जान से किया गया खिलवाड़ और उनके पैसों से मचायी गयी बंदरबांट की सारी असलियत सामने आ गई है।

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