राष्ट्रीय

कोरोना से मौत के मामले में आंकड़ा नहीं, मुंह छिपा रही बीजेपी : अखिलेश यादव

Janjwar Desk
22 Jun 2021 8:12 AM GMT
कोरोना से मौत के मामले में आंकड़ा नहीं, मुंह छिपा रही बीजेपी : अखिलेश यादव
x
अखिलेश यादव ने सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा है कि राज्य के 24 जिलों में 31 मार्च 2021 के कोरोना काल के नौ महीनों में सरकारी आंकड़ों में जितनी मौतें हुई, वास्तविक आंकड़ा उसका एक-दो गुना नहीं बल्कि 43 गुना अधिक है...

जनज्वार। कोरोना महामारी को लेकर राहत की बात यह है कि केस कम हो रहे हैं। लेकिन तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है और दूसरी लहर ने देश को झकझोर कर रख दिया है। बीते अप्रैल और मई महीने में कोरोना से देश में मौत का तांडव देखने को मिला। श्मशानों-कब्रिस्तानों में हर जगह भीड़ दिखी। कई जगह तो लोग अपनों को सही ढंग से अंतिम विदाई भी नहीं दे पाये। लेकिन कोरोना से मौत के मामले में सरकारी आंकड़ों और वास्तविक तस्वीर में हमेशा विवाद रहा। अब यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने राज्य में कोरोना से हुई मौत को लेकर योगी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

आंकड़े नहीं मुहं छिपा रही बीजेपीः अखिलेश

सपा प्रमुख ने एक ट्वीट के जरिये प्रदेश की बीजेपी सरकार पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने मौत के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए ट्वीट में लिखा है कि बीजेपी आंकड़े नहीं अपना मुंह छिपा रही है।

दरअसल पूर्व सीएम ने सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा है कि राज्य के 24 जिलों में 31 मार्च 2021 के कोरोना काल के नौ महीनों में सरकारी आंकड़ों में जितनी मौतें हुई, वास्तविक आंकड़ा उसका एक-दो गुना नहीं बल्कि 43 गुना अधिक है।

वही पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने अखिलेश के ट्वीट को लेकर छपी खबर और आंकड़ों का हवाला देते हुए योगी सरकार की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाये हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यूपी वाले हाकिम 43 गुना मौत के आंकड़ें छुपा गये।

प्रियंका गांधी ने भी उठाये थे सवाल

ये पहला मौका नहीं है जब विपक्ष ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को कोरोना से हुई मौत के आंकड़ों के मामले में घेरा है। पहले भी सरकार पर इस महामारी से हो रही मौत के मामलों को छिपाने के आरोप लगते रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कोरोना काल में योगी सरकार की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े किये।

और लोगों को हो रही परेशानी और मौत पर सरकार को घेरने की कोशिश की थी। 8 जून को भी प्रियंका गांधी ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए प्रश्न किया था कि सरकार के आंकड़ों और श्मशान और कब्रिस्तान के आंकड़ों में इतना फर्क क्यों है। यूपी सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए प्रियंका ने आंकड़ों को प्रोपागैंडा की तरह इस्तेमाल किये जाने की बात कही थी। साथ ही सरकार को सलाह दी थी कि इन आंकड़ों का इस्तेमाल कर सरकार कोरोना के पसार को रोके।

बीजेपी सरकार के बचे है दिन चार- सपा

सपा प्रमुख के ट्वीट से पहले समाजवादी पार्टी की ऑफिसियल ट्विटर हैंडल से भी राज्य में हुए मौत के आंकड़ों और सरकार के आंकड़ों को लेकर सवाल किये गये।

योगी सरकार को घेरते हुए पार्टी ने एक अखबार की एक खबर का हवाला दिया है, जिसमें अप्रैल और मई 2021 में आगरा में हुई मौत का सरकारी आंकड़ा महज 243 बताया गया है, जबकि नगर निगम ने 4591 मौत के प्रमाण पत्र जारी किये हैं।

किसान नेता योगेन्द्र यादव ने बताया सबसे बड़ी त्रासदी

राजनीतिकार और किसान नेता योगेन्द्र यादव भी कोरोना से हुई मौत के मामले में मुखर रहे हैं। और सरकार को इसे लेकर घेरते रहे हैं।

योगेन्द्र यादव ने 18 जून को किये अपने ट्वीट में कहा कोरोना की दूसरी लहर में देश में हुई मौत पिछले सौ वर्ष में किसी भी देश में हुई सबसे बड़ी त्रासदी बनने वाली है। मृतकों की संख्या 25 से 50 लाख तक कहीं भी पहुंच सकती है। इस त्रासदी को सरकारें रोक नहीं पाईं तो कम से कम उस पर परदा तो न डालें।

Next Story

विविध

Share it