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Jahangirpuri Tiranga Yatra: जहांगीरपुरी हिंसा के बाद हिंदू-मुस्लिम आए साथ, मिलकर निकालेंगे तिरंगा यात्रा, जानिये क्या है दिशा-निर्देश?

Janjwar Desk
23 April 2022 10:03 PM GMT
Jahangirpuri Tiranga Yatra: जहांगीरपुरी हिंसा के बाद हिंदू-मुस्लिम आए साथ, मिलकर निकालेंगे तिरंगा यात्रा, जानिये क्या है दिशा-निर्देश?
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Jahangirpuri Violence: दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद अब माहौल धीरे-धीरे ट्रैक पर आ रहा है.

Jahangirpuri Violence: दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद अब माहौल धीरे-धीरे ट्रैक पर आ रहा है. हालांकि, इलाके में शांति बहाल करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल अभी भी तैनात है. इस बीच, शुक्रवार को हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोगों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. सद्भाव कायम करने के लिए दोनों पक्षों ने मीडिया के सामने एक-दूसरे से हिंसा को लेकर माफी मांगी.

सद्भावना बैठक में हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे से मिलकर गिले-शिकवे दूर किए. दोनों पक्षों के लोगों ने कहा हिंसा से पहले दोनों पक्ष जहांगीरपुरी इलाके में सौहार्द के साथ रह रहे थे और आगे भी ऐसा ही चलता रहेगा. इस मौके पर डीसीपी उषा रंगनानी ने कहा कि यह बैठक विश्वास बहाली का उपाय है कि सभी लोग एक-दूसरे के साथ मिल जुल कर रहे हैं. हम इलाके से सुरक्षा व्यवस्था को कम कर रहे हैं.

बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली के जहांगीरपुरी में सद्भावना बैठक का आयोजन किया गया और इसका उद्देश्य बीते दिनों हिंसा और आगजनी के बाद इलाके में हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव को कम करने को लेकर की गई थी. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इस सद्भावना बैठक में इलाके में रह रहे हिन्दू और मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों ने एक-दूसरे से मिलकर गिले-शिकवे दूर किए और हाल ही में हुई घटनाओं पर माफी मांगी.

इस मौके पर उत्तर पश्चिम दिल्ली की डीसीपी उषा रंगनानी ने कहा कि यह विश्वास बहाली का उपाय था. सभी एक साथ रह रहे हैं. देश में हिंदू और मुसलमान भाई की तरह रहते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे. हम सुरक्षा व्यवस्था कम कर रहे हैं. बता दें कि 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान पथराव के बाद दो समुदाय के लोगों के बीच हिंसा भड़क गई थी, जिसमें एक आम नागरिक और 8 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक दोनों समुदायों के 25 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और दो किशोरों को भी हिरासत में लिया गया है.

दरअसल इलाके में शुक्रवार को संयुक्त रूप से एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों समुदायों के लोग और दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में लोगों ने एक दूसरों को गले भी लगाया ताकि देश में एक संदेश जाए. हिंदू पक्ष की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंद्रमणि तिवारी और मुस्लिम पक्ष की ओर से तबरेज खान ने इस वार्ता को संबोधित किया था.

दोनों समुदायों की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि, भविष्य में हम एक दूसरों के त्यौहारों पर स्वागत कर फूल बरसाने का काम भी करेंगे। साथ ही यह भी फैसला लिया गया है कि अब अगर कोई भी राजनीतिक पार्टी से नेता इलाके में आएंगे तो उन्हें गुलाब का फूल देकर वापस लौटाया जाएगा और यह संदेश दिया जाएगा कि आपसी मसला है जिसे खुद हल कर लिया जाएगा.

दरअसल जहांगीरपुरी इलाके में 16 तारीख की शाम शोभायात्रा के दौरान बवाल हुआ और गोलियां चल गईं, जिसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए। हालांकि बाद में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू की और अब तक 25 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. हिंसा के बाद से ही इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और भारी पुलिस बल भी तैनात किया है, इस कारण वहां रह रहे लोगों के व्यापार पर भी असर पड़ रहा रहा है। इन्ही सब को देखते हुए दोनो समुदायों के बीच यह फैसला लिया गया.

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